अमरोहा के एक गांव से हसनपुर के एक मोहल्ले में बारात पहुंची। लेकिन अनुमान से अधिक बाराती पहुंचने पर उनके पसीने छूट गए। जिसके बाद दुल्हन पक्ष ने तय किया कि जिनके पास आधार कार्ड होगा सिर्फ उन्हें ही दावत का खाना खिलाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक अनोखा मामला देखने को मिला। यहां के आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से हसनपुर के एक मोहल्ले में बारात पहुंची। दुल्हन पक्ष के लोगों ने बारातियों के स्वागत के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। लेकिन उनके होश तब उड़ गए जब अनुमान से अधिक बाराती उनके घर धमक गए। उन्हें डर था कि बारातियों के लिए बना दावत का खाना कहीं कम न पड़ जाए। इसलिए उन्होंने एक नया तरीका निकाला। दुल्हन के घरवालों ने दूल्हे के पक्ष से उन्हीं लोगों को दावत कक्ष में प्रवेश करने दिया, जिसके पास आधार कार्ड था। जिन मेहमानों के पास आधार कार्ड नहीं थे वे लोग बिना दावत खाएं ही लौट गए। इस पूरे मामले का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जो चर्चा का विषय बन गया।
मोहल्ले में आ गईं अलग-अलग दो बारात
जानकारी के मुताबिक, 21 सितंबर को बारात हसनपुर के एक मोहल्ले में आनी थी। लेकिन मोहल्ले में अलग-अलग दो बारात आ गईं। जब एक बारात में खाने की दावत शुरू हुई तो दोनों जगह बारात में आए मेहमान दावत चलती देख खाने पर टूट पड़े। जिसके कारण कार्यक्रम की व्यवस्था भी बिगड़ गई। वहीं इतने सारे बारातियों को एक-साथ देखकर दुल्हन पक्ष के लोगों के भी पसीने छूट गए। जिसके बाद उन्होंने खाना रुकवा दिया।
आधार कार्ड देखकर दी गई दावत
बताया जाता है कि इसके बाद दुल्हन पक्ष ने तय किया कि जिन मेहमानों के पास आधार कार्ड होगा, उन्हें ही दावत खाने को दिया जाएगा। आधार कार्ड की व्यवस्था को देखकर असली बराती भी चक्कर में पड़ गए क्योंकि सभी के पास आधार कार्ड नहीं था। शादी के इस कार्यक्रम में कई बार हंगामे की स्थिति बनी लेकिन समझदार लोगों ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर शांत कर दिया। इस बरात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है।