Amroha News: उत्तर प्रदेश के 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट में महिलाओं, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस किया गया है।
UP Budget 2026 Amroha: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सदन में प्रस्तुत इस बजट को प्रदेश के विकास की नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता में रखा है। साथ ही 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं की घोषणा कर यह संकेत दिया गया है कि राज्य सरकार सामाजिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर संतुलित विकास चाहती है।
इस बजट में महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
प्रदेश में पहले से संचालित 60 मेडिकल कॉलेजों के अतिरिक्त 16 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। तीन नई यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा भी की गई है। मेधावी छात्रों के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से स्कूटी वितरण योजना शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश के सात शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी इस बजट का हिस्सा है। इससे शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यातायात, डिजिटल सेवाओं और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह बजट प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक साबित होगा।
हालांकि बजट में अमरोहा जिले के लिए किसी विशेष परियोजना या सीधे आवंटन की घोषणा नहीं हुई है, फिर भी स्थानीय लोगों में उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। जिले के नागरिकों का मानना है कि नमामि गंगे योजना के बजट में बढ़ोतरी का लाभ बृजघाट और तिगरी गंगा धाम को मिल सकता है। इन तीर्थ स्थलों के विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। गंगा किनारे स्वच्छता, घाटों का सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद की जा रही है।
अमरोहा में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है। ऐसे में वर्किंग वुमन हॉस्टल की संभावित स्थापना को लेकर सकारात्मक चर्चा हो रही है। यदि यह योजना साकार होती है तो जिले की कामकाजी और शिक्षारत महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकती है। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय व्यापारी नवीन गर्ग ने बजट को “बहुत अच्छा” बताते हुए कहा कि शादी सहायता राशि बढ़ाने का फैसला सराहनीय है और इससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सुभासपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल तोमर ने भी इसे प्रदेश हित में अब तक का सबसे बड़ा और संतुलित बजट बताया। उनका कहना है कि सरकार ने हर वर्ग का ध्यान रखने की कोशिश की है।
वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष विपिन कौशिक ने बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “जनता को भ्रमित करने वाला” बजट बताया और कहा कि किसानों तथा मजदूरों की वास्तविक समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं और फसलों के नुकसान का मुद्दा उठाते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
कुल मिलाकर प्रदेश का यह महाबजट विकास के बड़े दावों के साथ पेश किया गया है, लेकिन अमरोहा जैसे जिलों को अब वास्तविक क्रियान्वयन का इंतजार है। बृजघाट और तिगरी गंगा धाम के विकास, नमामि गंगे के तहत बेहतर व्यवस्थाओं और वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी योजनाओं पर अमरोहा की जनता की निगाहें टिकी हैं। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि बजट की घोषणाएं धरातल पर कितनी तेजी से उतरती हैं और जिले को इसका कितना प्रत्यक्ष लाभ मिल पाता है।