Amroha News: अमरोहा के हसनपुर में नारियल पानी के पैसे मांगने पर दरोगा द्वारा ठेले वाले से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
Daroga coconut vendor assault Amroha: अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में एक नारियल पानी बेचने वाले ठेले वाले के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि नारियल पानी के पैसे मांगने पर एक दरोगा भड़क गया और उसने ठेले वाले को थप्पड़ मार दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मोहल्ला काला शहीद निवासी सागर अमरोहा बस अड्डे के पास नारियल पानी का ठेला लगाता है। सागर का आरोप है कि हसनपुर बस स्टैंड चौराहे पर तैनात ‘क्रिटिकल कॉरिडोर टीम’ के प्रभारी उप-निरीक्षक ईशम सिंह अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचे और दो नारियल पानी पिया। जब सागर ने उनसे 140 रुपये मांगे तो दरोगा कथित तौर पर नाराज हो गए और उन्होंने सागर को थप्पड़ मारते हुए दुकान हटाने की धमकी दी।
पीड़ित सागर का कहना है कि दरोगा ने नारियल के पैसे देने के बजाय उसके ठेले से नारियल जबरन उठवा लिए और उन्हें पुलिस की गाड़ी में भरवाकर कोतवाली ले जाने का आदेश दिया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में पुलिसकर्मी नारियल गाड़ी में रखते दिखाई दे रहे हैं, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के प्रदेश महासचिव मुकेश गुप्ता ने इस पूरे मामले को पुलिस की मनमानी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। व्यापारियों के दबाव के बाद पुलिस ने सागर के नारियल वापस कर दिए, हालांकि सागर का कहना है कि लौटाए गए सामान में तीन नारियल कम थे।
दूसरी ओर उप-निरीक्षक ईशम सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत की गई थी। उनका कहना है कि बस स्टैंड चौराहे पर अवैध रूप से ठेले लगाए जा रहे थे, जिन्हें हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही थी। हालांकि वायरल वीडियो में नारियल पुलिस की गाड़ी में लादे जाते दिखाई देने के बाद उनके दावे पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उप-निरीक्षक ईशम सिंह को पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया। साथ ही क्षेत्राधिकारी हसनपुर को पूरे मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि दरोगा दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।