Amroha News: अमरोहा में मिशन शक्ति-5 अभियान के तहत महिलाओं को सुरक्षा योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है।
Mission Shakti Awareness:अमरोहा जिले में मिशन शक्ति-5 के द्वितीय चरण के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में मिशन शक्ति टीम लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सतर्क बनाना है।
अभियान के दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं को पुलिस विभाग द्वारा संचालित महिला सुरक्षा योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि ये योजनाएं किस प्रकार उनके दैनिक जीवन में सहायक हो सकती हैं और आपात स्थिति में किस तरह इनका उपयोग किया जा सकता है। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया गया।
मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं और छात्राओं को कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी जागरूक किया। इसमें डायल 112, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर अपराध के लिए 1930 और एंबुलेंस सेवा 108 जैसे नंबर शामिल हैं। टीम ने बताया कि इन नंबरों का सही समय पर उपयोग करके किसी भी संकट से तुरंत मदद प्राप्त की जा सकती है।
मिशन शक्ति की टीम लगातार बाजारों, स्कूलों, गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर महिलाओं और छात्राओं से संवाद कर रही है। इस दौरान न केवल उन्हें जानकारी दी जा रही है, बल्कि जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए जा रहे हैं ताकि महिलाएं इन सूचनाओं को लंबे समय तक याद रख सकें और दूसरों तक भी पहुंचा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि एक सतत प्रयास है, जिसे लगातार जारी रखा जाएगा। लक्ष्य यह है कि जिले की हर महिला तक सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचे और वह आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सके।
इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है, जहां महिलाएं पहले की तुलना में अधिक जागरूक और आत्मविश्वासी नजर आ रही हैं। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें यह समझ में आ रहा है कि किसी भी समस्या या खतरे की स्थिति में वे अकेली नहीं हैं और तुरंत मदद प्राप्त कर सकती हैं। इससे समाज में सुरक्षा का माहौल मजबूत हो रहा है और महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति सजगता लगातार बढ़ रही है।