Amroha Attack: अमरोहा के कुतुबपुर हमीदपुर गांव में तेंदुए के हमले से घायल हुए छह किसानों को बचाने के प्रयास में ग्रामीणों ने तेंदुए को पीट-पीटकर मार डाला।
Leopard beaten to death in Amroha: एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, अमरोहा जिले के नौगांवा सादात के कुतुबपुर हमीदपुर गांव में तेंदुए के हमले के बाद उसे पीट-पीटकर मारने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना के बाद वन विभाग की ओर से दर्ज कराई गई तहरीर में ग्राम प्रधान और उनके साथियों का नाम पहले शामिल था, लेकिन बाद में बदली गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए उनके नाम हटा दिए गए।
शनिवार सुबह गांव के किसान कोविन खेत में टमाटर तोड़ रहे थे, तभी अचानक एक तेंदुआ उन पर झपट पड़ा। शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में कुल छह किसान घायल हो गए।
हमले से गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से तेंदुए को घेर लिया। लगातार पिटाई से तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की सूचना पर नौगांवा सादात पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए का शव कब्जे में ले लिया गया।
पुलिस ने मौके से ग्राम प्रधान के भाई राजेश कुमार, राजू सैनी और धर्मवीर को हिरासत में लिया। लेकिन जब यह खबर गांव में फैली, तो भीड़ थाने पहुंच गई और हंगामे के दौरान तीनों को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर भगा दिया गया।
वन अधिकारी राजीव वर्मा ने राजू सैनी, धर्मवीर, ग्राम प्रधान के भाई राजेश कुमार व अन्य अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ तेंदुए की हत्या और ग्राम प्रधान बृजेश व उनके अज्ञात साथियों पर आरोपियों को छुड़ाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।
गांव वालों ने तीनों आरोपियों को दोबारा पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद वन विभाग ने संशोधित तहरीर दी, जिसमें ग्राम प्रधान बृजेश और उनके साथियों का नाम हटा दिया गया। नई तहरीर पर केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि घटना के वीडियो और फोटो के आधार पर अज्ञात लोगों की पहचान की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।