Salim Vastik Attack: गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए कातिलाना हमले के मामले में पुलिस ने आरोपी बताए जा रहे दो सगे भाइयों जीशान और गुलफाम को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया।
Salim vastik attack encounter Ghaziabad: एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद में चर्चित यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए कातिलाना हमले के मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने इस हमले में शामिल बताए जा रहे दो सगे भाइयों जीशान और गुलफाम को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया है। हालांकि इस पूरे मामले में अब मृतकों के पिता बुनियाद अली का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह इंसाफ नहीं है।
जानकारी के अनुसार, सलीम वास्तिक पर हमले के बाद आरोपी गुलफाम अमरोहा जिले के सैदनगली गांव पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह 28 फरवरी को कुछ घंटों के लिए अपने घर आया था और फिर वहां से वापस गाजियाबाद लौट गया। इसी बीच पुलिस ने लोनी क्षेत्र में उसके घर से एक बाइक भी बरामद की है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उस बाइक का वारदात से सीधा संबंध था या नहीं।
27 फरवरी को गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक के कार्यालय में उन पर जानलेवा हमला किया गया था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें हमलावरों की गतिविधियां कैद बताई गईं। जांच के दौरान सैदनगली के रहने वाले दो भाइयों जीशान और गुलफाम का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले एक मार्च को जीशान को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद तीन मार्च की रात गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में हुई दूसरी मुठभेड़ में मुख्य आरोपी बताए जा रहे गुलफाम को भी ढेर कर दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में गुलफाम के शव को उसके गांव सैदनगली में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जिसके बाद पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
मृतकों के पिता बुनियाद अली का कहना है कि पुलिस ने उनके दोनों बेटों को एनकाउंटर में मार दिया, लेकिन यह इंसाफ नहीं है। उनका कहना है कि यदि उनके बेटे आरोपी थे तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करती। अदालत जो फैसला देती वही सही न्याय होता। बुनियाद अली का कहना है कि उनके बेटों ने कभी तमंचा तक नहीं छुआ था और सरकार से उन्हें अब किसी इंसाफ की उम्मीद नहीं है।
दो सगे भाइयों की मौत के बाद सैदनगली गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और मां तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। गांव के लोगों के अनुसार, दोनों भाइयों की अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
परिजनों के मुताबिक गुलफाम करीब 12 साल पहले घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नोएडा गया था, जहां वह लकड़ी की कारीगरी का काम करता था। मेहनत से उसने अपनी जिंदगी बसाई, शादी की और उसके दो छोटे बच्चे भी हैं, एक बेटा और एक बेटी। परिवार का कहना है कि किसी ने नहीं सोचा था कि मेहनत-मजदूरी करने वाला गुलफाम अपराध के रास्ते में फंस जाएगा।
छोटा भाई जीशान स्वभाव से शांत बताया जाता था। पिता ने उसे स्थानीय मदरसे में दीनी तालीम के लिए भेजा था, जहां उसने करीब ढाई साल तक पढ़ाई की। घर की आर्थिक तंगी के कारण उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी और वह पिता के साथ लकड़ी के काम में हाथ बंटाने लगा। इसके बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखते हुए 2020 में सैदनगली के एक इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की थी।
12वीं पास करने के बाद जीशान भी अपने बड़े भाई गुलफाम के पास चला गया था। दोनों भाई गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में रह रहे थे और वहीं कामकाज करते थे। पुलिस का कहना है कि सलीम वास्तिक पर हुए हमले में दोनों भाइयों की भूमिका सामने आई थी, जिसके बाद उनकी तलाश में अभियान चलाया गया।
यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए हमले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नाराजगी जाहिर की थी और हमलावरों को कड़ी सजा देने की चेतावनी दी थी। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया। हालांकि अब इस कार्रवाई को लेकर परिजनों की ओर से सवाल भी उठाए जा रहे हैं और पूरे मामले पर चर्चा जारी है।