अमरोहा से गिरफ्तार हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम से जुड़े संदिग्ध आतंकियों का बड़ा खुलासा
अमरोहा. बीते 26 दिसंबर को एनआर्इए और एटीएस द्वारा अमरोहा से आर्इएस के संगठन हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम से जुड़े संदिग्ध आतंकी मुफ्ती सुहैल, सईद, रईस व इरशाद पकड़े गए थे। इनसे पूछताछ में संदिग्ध आतंकी मुफ्ती सुहैल ने कुबूल किया है कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को दिल्ली में भारी तबाही की तैयारी की जा रही थी। राकेट लांचर और बम अमरोहा में तैयार कर दिल्ली-एनसीआर में जमा किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही एनआर्इए ने अमरोहा में छापेमारी करके आतंकियों की साजिश का नाकाम कर दिया है।
एनआर्इए से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में मुफ्ती सुहैल, रईस व इरशाद ने कई अहम जानकारियां दी हैं। सुहैल के इशारे पर अमरोहा के गांव सैदपुर इम्मा के सगे भाई सईद व रईस 10 से 12 हजार रुपये में देसी रॉकेट लांचर तैयार करते थे। सुहैल उनसे 20 से 25 हजार रुपये में एक लांचर खरीदता था। इसके बाद इरशाद के आटो से उन्हें प्राइवेट बस तक पहुंचाया जाता था। बस से दिल्ली के जाफराबाद तक टुकड़ों में कर रॉकेट लांचर पहुंचाए जाने थे। एनआर्इ के हत्थे चढ़े नगर कोतवाली के मोहल्ला मुल्लाना निवासी मुफ्ती सुहैल के मंसूबे खतरनाक थे। वह 26 जनवरी को दिल्ली में एक साथ कई हमले करना चाहता था। इसके लिए वह पुरानी दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले अपने परिचितों के यहां गोला बारूद, राकेट लांचर व अन्य हथियार जमा करने में लगा था। मिशन के बारे में किसी को भनक न लगे, इसके लिए ही उसने दिल्ली के जाफराबाद स्थित अपना घर छोड़कर अमरोहा को ठिकाना बना रखा था।
उक्त जानकारी सुहैल से पूछताछ के बाद एनआर्इए के हाथ लगी है। अमरोहा में विस्फोटक और अवैध असलहे तैयार करने व उन्हें दिल्ली तक पहुंचाने में सुहैल मोहल्ला पचदरा निवासी इरशाद व सैदपुर इम्मा में रहने वाले सगे भाई सईद तथा अनीस का सहयोग ले रहा था। उसके संपर्क में जिले के कुछ अन्य युवक भी थे। एनआर्इए के मुताबिक जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी।