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जानिये, एक माह तक कहां छिपा रहा बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज, देखें वीडियो-

मोबाइल का प्रयोग बंद कर पूजा-पाठ कर व्यतीय किया समय
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बुलंदशहर

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lokesh verma

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Updated: 4 Jan 2019, 4:03 PM IST

bulandshahr violence

जानिये, एक माह तक कहां छिपा रहा बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज

बुलंदशहर. 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना में हिंसा के बाद मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार आैर सुमित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश राज को एक महीने बाद गिरफ्तार कर लिया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक माह तक योगेश राज पुलिस से कहां छिपकर रहा। सूत्रों की मानें तो योगेश राज संगठन के एक शीर्ष अधिकारी के निर्देश पर एक माह तक हरिद्वार में रहा। उसने वहां मोबाइल का उपयोग भी नहीं किया। बताया जा रहा है कि हरिद्वार में उसने पूजा-पाठ कर पूरा एक माह काटा। वहीं पुलिस उसे नोएडा, दिल्ली आैर गुरुग्राम के साथ अन्य स्थानों पर तलाशती रही।

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उल्लेखनीय है कि स्याना में भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया था। इसके बाद से पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश देकर उसे तलाश कर रही थी, लेकिन पूरे एक माह बाद योगेश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब सवाल यह है कि आखिर वह एक माह तक कहां रहा। जबकि इसी बीच उसने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें उसने हिंसा के आरोपों को सिरे से नकार दिया था। सूत्रों की मानें तो हिंसा के बाद योगेश राज को संगठन के एक बड़े पदाधिकारी के सामने पेश किया गया था। योगेश राज ने संगठन के बड़े पदाधिकारी को बताया कि उसने गोकशी को लेकर नाराजगी जताई थी। हिंसा से उसका कोई लेना-देना नहीं है। योगेश राज ने बताया कि जब हिंसा हो रही थी उस समय वह कोतवाली स्याना में एफआईआर दर्ज करा रहा था। इसका प्रमाण गोकशी की एफआईआर से ही मिल रहा है।

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योगेश की इस बात से जब संगठन के पदाधिकारी सहमत हो गए कि उसका हिंसा में कोई दोष नहीं है तो उसको संरक्षण देने का मन बना लिया। उसके बाद उसे गुप्त स्थानों पर रखा गया। ऐसी जगह पर रखा जहां के बारे में कोई सोच भी नहीं सके। योगेश राज को मोबाइल पर किसी से भी बात करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। फिर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी योगेश राज के बचाव में उतर आए। पुलिस पूछताछ में योगेश राज ने बताया कि उसने हिंसा के बाद अपने मोबाइल फोन से सिम को निकालकर वहीं फेंक दिया था, ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन नहीं मिल सके।

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