
एक दिवसीय कॉलेज बंद का किया आह्वान, पुलिस ने व्यवस्थाओं के लिए एक सप्ताह की दी मोहल्लत
अनूपपुर। सीएलसी प्रथम चरण के प्रवेश में कॉलेज प्रशासन द्वारा बरती गई भारी अनियमितता के कारण प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राओं के दिन हित में सीएलसी द्वितीय चरण तत्काल प्रारम्भ किए जाने की मांग में सोमवार २० अगस्त को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(एनएसयूआई) कार्यकर्ताओं ने तुलसी महाविद्यालय के मुख्य प्रवेश गेट को सांकेतिक रूप में बंद कर विरोध प्रदर्शन किया साथ ही प्राचार्य डॉ. परमानंद तिवारी को ज्ञापन सौंप सात दिनों के अंदर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान छात्र संगठन ने एक दिवसीय कॉलेज बंद रखने का आह्वान किया। जिसके कारण सोमवार को एक भी कक्षाएं संचालित नहीं हो सकी। छात्र संगठन का आरोप है कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर की कक्षाओं में प्रवेश के लिए सीएलसी प्रथम चरण शुरू किया गया था। जिसकी मेरिट लिस्ट विधिसंगत प्रकाशन किया जाना था। प्रकाशन के बजाय छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत सम्पर्क कर पहले से अध्ययनरत छात्रों के द्वारा कॉलेज प्रशासन की सांठ गांंठ में पैसे लेकर प्रवेश महाघोटाला किया गया। वहीं कॉलेज बंद तथा छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्र संगठन से शांति बनाए रखने तथा उनकी मांगों के अमल में प्राचार्य से चर्चा की। थाना प्रभारी कोतवाली प्रफ्फूल राय ने प्राचार्य से दो टूक शब्दों में दुबारा इस प्रकार के हालात नहीं बने, प्राचार्य से छात्र संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की। हालांकि इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। छात्र संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में अन्य पांच सूत्री मांगों में सीएलसी द्वितीय चरण तत्काल आरम्भ कर वंचित छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सूची फाडने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने, सीएलसी प्रथम चरण में २०००-२००० रूपए लेकर नए छात्रों के प्रवेश दिलाने वाले छात्रों व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, महाविद्यालय परिसर में बाह्य लोगों के प्रवेश को बंद कराने तथा कॉलेज के समस्त खस्ताहाल प्रयोगशाला व उसके संसाधनों की साफ-सफाई कराने की मांग की गई है। साथ ही संगठन ने चेतावनी दी है कि सात दिनों के अंदर कॉलेज प्रशासन कार्रवाई नहीं करती है तो संगठन आगे की कार्रवाई करेगा।