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लखनऊ अग्निकांड में एमपी के परिवार ने भी खोया अपना लाल, जिंदा जले गेम सॉफ्टेवेयर इंजीनियर जयनील

Lucknow Fire Tragedy : लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में अनूपपुर के भालूमाड़ा निवासी जयनील चक्रवर्ती भी 15 मृतों में से एक हैं। जयनील अग्निकांड वाली बिल्डिंग में संचालित एक निजी कंपनी में काम करते थे।
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Lucknow Fire Tragedy

Lucknow Fire Tragedy (लखनऊ अग्निकांड में अनुपपुर के जयनील की भी मौत Photo Source- Patrika)

Jayneel Chakravarti Burned Alive : उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर के कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में जान गवाने वाले 15 लोगों में एक शख्स मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा के भी थे। दर्दनाक हादसे में जान गवाने वाले 26 वर्षीय जयनील चक्रवर्ती कोचिंग संस्थान वाली बिल्डिंग में संचालित एक निजी कंपनी में काम करते थे और पिछले 3 साल से उसी कंपनी में कार्य कर रहे थे। वो पैशे से गेम सॉफ्टेवेयर इंजीनियर थे।

आपको बता दें कि, कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग से अंदर मौजूद कुल 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है, जबकि कई अन्य बुरी तरह झुलसने और जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदने के कारण घायल भी हुए हैं।

हादसे का सुनकर ही लखनऊ पहुंचे माता-पिता

सोमवार देर रात मृतकों की सूची में उसका नाम सामने आने के बाद भालूमाड़ा नगर में शोक की लहर दौड़ गई। पिता जयंत एसईसीएल जमुना- कोतमा क्षेत्रीय चिकित्सालय में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं। परिजन के अनुसार, जयनील के माता-पिता हादसे की जानकारी लगने पर सोमवार रात में ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए थे। जब वो प्रयागराज पहुंचे तब स्थानीय पुलिस द्वारा उन्हें जयनील की मृत्यु की सूचना मिली।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे जयनील

जयनील एक गेम सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और पिछले तीन साल से उसी इमारत में संचालित एक कंपनी में कार्यरत थे, जहां यह अग्निकांड हुआ। वह अविवाहित थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय जमुना कोतमा में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर का रुख किया था। जयनील के पिता जयंत चक्रवर्ती भालूमाड़ा स्थित एसईसीएल जमुना कोतमा के रीजनल अस्पताल में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता दुर्गा चक्रवर्ती गृहिणी हैं और उनका एक छोटा भाई भालूमाड़ा में पढ़ाई कर रहा है।

अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग

माता-पिता के लखनभ पहुंचने के बाद जयलीन का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद मंगलवार को ही परिवार जयलीन का पार्थिव शरीर लेकर उनके गृह ग्राम भालूमाड़ा पहुंच गया। जहां परिजन, रिश्तेदारों और इलाके के लोगों की मौजूदगी में शाम से पहले उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। एक तरफ बेटे की असमय मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था तो वहीं जयनील की असमय मौत से पूरे भालूमाड़ा क्षेत्र में गम का माहौल था। स्थानीय लोगों ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजन के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।