23 जुलाई को भर्ती हुए अनाथ बच्चे की 5 अगस्त की सुबह हुई मौत का मामला
अनूपपुर. जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 23 जुलाई की रात गोंविदा कॉलरी कोतमा के नर्सरी में मिले नवजात बालक की भर्ती तथा 5 अगस्त की सुबह वार्ड की यूनिट में मृत पाए गए शिशु पर अब महिला सशक्तिकरण विभाग ने गम्भीरता दिखाते हुए डेथ रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों पर नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। जिसमें अनाथ बच्चे के डेथ रिपोर्ट में मौत के कारणों पर गहन से विचार कर आगे की कार्रवाई होगी।
महिला सशक्तिकरण अधिकारी का कहना है कि यह अनाथ बच्चे की मौत का मामला गम्भीर है, जबकि 4 अगस्त को निरीक्षण में बच्चे की सही रिपोर्ट के बाद उसे शहडोल आश्रय शिशु गृह भेजे जाने की तैयारी की गई थी। इसके लिए जिला अस्पताल विभाग को कागजी दस्तावेज तैयार रखने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन 5 अगस्त रविवार की सुबह अनाथ बच्चे को मृत पाया गया। आखिर क्या वजह रही कि एक दिन पूर्व सही सलामत बच्चा रात भर में मौत की आगोश में सो गया। वहीं अधिकारी का कहना है कि जिला अस्पताल सीएस ने अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है की बात कही है।
विदित हो कि 23 जुलाई को एक नवजात शिशु गोंविदा कॉलरी के नर्सरी में जख्मी हालत में फेंका भी पाया गया था। फेंकने के दौरान बालक के सिर पर गहरा जख्म बन गया था, लेकिन डॉक्टरों की अथक प्रयास तथा एसएनसीयू स्टाफों की सेवा में बालक का जख्म भरने के साथ साथ स्वस्थ्य भी हो गया था। लेकिन 5 अगस्त की सुबह उसे मृतावस्था में यूनिट में पाया गया। जिससे अस्पताल प्रबंधन द्वारा छिपाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन उक्त मामला सबके सामने आ ही गया।
इनका कहना है
अभी जिला अस्पताल में बच्चे की मौत की रिपोर्ट नहीं दी है, सिविल सर्जन ने रिपोर्ट अभी नहीं आने की जानकारी दी है। जैसे ही डेथ रिपोर्ट मिलती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए नोटिस भेजी जाएगी।
मंजूषा शर्मा, महिला सशक्कितकरण विभाग अनूपपुर।