खरीदी के लिए बनाए गए थे 6 केन्द्र, किसानों में दिखी निराशा
गेहूं के साथ ही अन्य फसलों की खरीदी की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जिन किसानों ने विक्रय के लिए अपना पंजीयन कराया था उनमें से आधे किसान भी फसल विक्रय के लिए खरीदी केंद्र नहीं पहुंचे। इसके लिए 15 मार्च से 5 मई तक समय निर्धारित किया गया था जिनकी समय सीमा बीत जाने के बावजूद किसान खरीदी केंद्र तक नहीं पहुंचे। जिले भर में खरीदी के लिए 6 केंद्र बनाए गए थे जिनमें पटना कला, अनूपपुर, जैतहरी, बिजुरी, राजेंद्र ग्राम और फुनगा खरीदी केंद्र शामिल हैं। अनूपपुर को छोड़कर के अन्य सभी केन्द्र में एक सैकड़ा किसान भी नहीं पहुंचे। जिले में फसल के विक्रय के लिए 1590 किसानों ने पंजीयन कराया था जिसमें अनूपपुर विकासखंड में 1056, पुष्पराजगढ़ विकासखंड में 362, जैतहरी विकासखंड में 101 और कोतमा विकासखण्ड में 71 किसानों ने फसल विक्रय के लिए अपना पंजीयन कराया था। पंजीकृत किसानों में मात्र 529 किसानों ने खरीदी केंद्र पहुंचकर कुल 14 हजार 520 क्विंटल गेहूं का विक्रय किया। पटना कला खरीदी केंद्र में 68, अनूपपुर खरीदी केंद्र में 351, फुनगा खरीदी केंद्र में 49, जैतहरी खरीदी केंद्र में 34, बिजुरी खरीदी केंद्र में 15 और सबसे कम राजेंद्र ग्राम खरीदी केंद्र में इस अवधि में कुल 12 किसानों ने अपनी फसल का विक्रय किया है।
गेहूं फसल की खरीदी के बाद अब किसानों को भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। जिले भर में 529 किसानों ने 14 हजार 520 क्विंटल गेहूं फसल का विक्रय किया है जिसके बदले 3 करोड़ 49 लाख 89 हजार 888 रुपए का भुगतान किसानों को किया जाना है, लेकिन अभी तक सिर्फ 50 लाख 20 हजार 748 रुपए का भुगतान किसानों को किया गया है। धान की खरीदी में भी ऐसी ही परेशानी का सामना किसानों को करना पड़ा था। वहीं अब इस बार भी किसान इसके लिए परेशान हो रहे हैं।