अरे वाह: नए अस्पताल बिल्डिंग की हरी झंडी, १०० नहीं २०० बिस्तरों का होगा नया जिला अस्पताल
एक ही छत के नीचे मिलेगी स्वास्थ्य सम्बंधी सभी सुविधा, शासन ने डिजाईन के लिए आर्किटेक्ट को सौंपी जिम्मेदारी
अनूपपुर। वर्ष २०१५ के समय ६.३२ करोड़ की लगात से बनी जिला अस्पताल की तीन नई बिल्डिंगों तथा व्यवस्थाओं के अनुरूप अनुपयोगी पाए जाने पर अब स्वास्थ्य संचालनालय के निर्देश में जिला मुख्यालय में नई २०० बिस्तरों का जिला अस्पताल बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ है। जिसमें अनूपपुर जिला मुख्यालय के चंदास नदी के पास पूर्व में अस्पताल के लिए अधिग्रहित किए गए लगभग १७ एकड़ भूमि पर दो मंजिली इमारत के रूप में नया २०० बिस्तरों वाला जिला अस्पताल बनाया जाएगा। पूर्व में इसी जमीन पर१०० बिस्तरों के भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन वर्ष २०१७ के दौरान स्वास्थ्य संचालनालय पीएस भोपाल के निरीक्षण में वर्तमान जिला अस्पताल को व्यवस्थाओं के अनुरूप अनुपयोगी बताया तथा नए भवन के प्रस्ताव को पुन: रिवाईज स्टैंडर में भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण में आए तत्कालीन स्वास्थ्य पीएस गौरी सिंह ने नए भवन में ही व्यवस्थित रूप में सामूहिक स्वास्थ्य सुविधाओं को भी उपलब्ध कराने के निर्देश के साथ प्रस्ताव भेजने के सख्त निर्देश दी थी। पीएस के अनुसार वर्तमान भवन स्वरूप में संचालित जिला अस्पताल में अधिक से अधिक डॉक्टरों व स्टाफ नर्सो की डयूटी लगाकर मरीजों को हम बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं उपलब्ध करा पाएंगे। वहीं अलग-थलग बने वार्ड व्यवस्थाओं में भी मरीजों की परेशानी होना बताया। जिसपर अब शासन ने प्रस्तावों पर हरी झंडी देते हुए सीएमएचओ कार्यालय के सामने प्रस्तावित नए जिला अस्पताल भवन के डिजाईन की जिम्मेदारी आर्किटेक्ट को सौंपी है, जहां आर्किटेक्ट द्वारा ही बनाए गए डिजाईन के आधार पर शासन द्वारा डीपीआर तैयार किया जाएगा तथा टेंडर जारी किए जाएंगे। फिलहाल नए २०० बिस्तरों वाली जिला अस्पताल बिल्डिंग के निर्माण से अनूपपुर आदिवासी बहुल्य जिले के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए नया आयाम खुलेगा। जहां छोटी-बड़ी घटनाओं व समस्याओं पर मरीजों को अन्य जिले के लिए रेफर करने के डंस से बचाया जा सकेगा।
बताया जाता है कि वर्तमान जिला अस्पताल में संसाधनों व मरीजों के अनुरूप स्थान कम होने पर वर्ष २००८-०९ में अनूपपुर-अमरकंटक मार्ग पर चंदास नदी के पास शासन द्वारा जिला अस्पताल भवन निर्माण के लिए लगभग १७ एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन बाद में जमीनी अड़चनों में भवन का निर्माण अटक सा गया था। जिसपर पुन: प्रशासन ने वर्ष २०१७ में जिला अस्पताल आवंटित भवन की भूमि पर भवन निर्माण कराने की घोषणा की। लेकिन पीएस के निरीक्षण के दौरान भवन को बिना आर्किटेक्ट की डिजाईनों के बिना बनाए जाने पर पीएस ने रोक लगा दी थी। बताया जाता है कि आईपीडी, ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर, ब्लड बैंक, लैब, एसएनसीयू, टीबी वार्ड, डायलसिस यूनिट, कैंसर कीमोथैरेपी सहित संक्रमण बीमारियों के आईसोलेशन वार्ड व अन्य नए संसाधनों से लैस स्वास्थ्य सुविधाओं को एक ही जगह पर संचालित कराया जाएगा, ताकि मरीजों व परिजनों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़े। वहीं कम स्टाफों में भी मरीजों को अधिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान कराया जा सके। इसके अलावा जिला अस्पताल में डॉक्टरों व स्टाफ नर्सो की तत्कालिक व्यवस्थाओं को देखते हुए डॉक्टर्स एवं स्टाफ नर्स आवासीय क्वार्टर पर भी शासन की हरी झंडी मिल सकती है।
बॉक्स: प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में संचालित होंगे पुराने भवन
नए भवन की उपलब्धता के बाद पुराने जिला अस्पताल भवन को शासकीय व अशासकीय स्तर पर प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में संचालित करने की रणनीति बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे प्रशिक्षण के तौर पर स्वास्थ्य विभाग को आय उपलब्ध होगी साथ ही भवनों को सुरक्षित भी रखा जा सकेगा।
वर्सन:
पूर्व प्रस्तावित १०० बिस्तरों की जगह अब २०० बिस्तरों के लिए नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। शासन ने इसके लिए आर्किटेक्ट को डिजाईन की जिम्मेदारी सौंपी है। डिजाईजन बनाए जाने के बाद आवश्यक संशोधन उपरांत डीपीआर बनाकर टेंडर निकालने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
डॉ. आरपी श्रीवास्तव, सीएमएचओ अनूपपुर।