अशोकनगर

एमपी के इस जिले में जाम हो रहा ‘शरीर का इंजन’, 70 हजार लोगों की बढ़ी मुश्किलें

World Liver Day : कमर बढ़ी और बीएमआइ अनियंत्रित, स्वस्थ यकृत मिशन की जांच में चौंकाने वाला सच; मोटापा और बिगड़ी लाइफस्टाइल से अशोकनगर के हजारों लोग नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर की जद में

2 min read
Apr 19, 2026
World Liver Day (फोटो सोर्स- GeminiAI)

World Liver Day - हमारे शरीर का सबसे मेहनती अंग लिवर, एक ऐसी मशीनरी है जो बिना रुके शरीर के भीतर दो लाख से ज्यादा रासायनिक प्रक्रियाओं को अंजाम देती है। विशेषज्ञ अक्सर इसे शरीर का इंजन कहते हैं लेकिन क्या आप इसकी सर्विसिंग कर रहे हैं? जिले में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जो बताते हैं कि अब लिवर खराब होने के लिए सिर्फ शराब ही दोषी नहीं है, बल्कि आपकी थाली में सजा मैदा, चीनी और घंटों कुर्सी पर बैठे रहने की आदत लिवर के इर्द-गिर्द चर्बी का जाल बुन रही है। अक्सर माना जाता है कि लिवर सिर्फ शराब पीने वालों का खराब होता है, लेकिन एनसीडी के आंकड़ों ने इस भ्रम को तोड़ दिया है। जिले के नोडल अधिकारी डॉ. सीपी यादव के अनुसार, पिछले साल स्वस्थ यकृत मिशन के तहत हुई जांच में जिले के 70 हजार लोगों में मोटापा, बढ़ी हुई कमर और अनियंत्रित बीएमआई पाया गया। ये सभी लोग नॉन- अल्कोहॉलिक फैटी लिवर के संभावित मरीज हैं। यानी शराब छुए बिना भी इनका लिवर खतरे में है, शरीर का इंजन कभी भी जाम हो सकता है।

लक्षण जो दिखते नहीं, पर होते हैं

ये भी पढ़ें

एमपी में दो पूर्व मंत्रियों सहित 11 विधायकों को बड़ा दायित्व, बीजेपी ने बनाई 89 सदस्यीय जंबो टीम

जानलेवा लिवर की बीमारी दबे पांव आती है। अगर आप इन संकेतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। डॉक्टरों के मुताबिक भरपूर नींद के बाद भी थकान का अहसास, भूख कम लगना या पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन, रात में नींद न आना और दिन भर आलस बने रहना। इन संकेतों को यदि पहचान कर समय पर दिनचर्या और खान-पान सुधार लिया जाए, तो लिवर में खुद को रिपेयर करने की गजब की क्षमता होती है।

एक्सपर्ट के अनुसार यह भी खास

यदि पुरुष की कमर 94-102 सेमी व महिला की कमर 80-88 सेमी से अधिक है, तो फैटी लिवर का जोखिम 90 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

यदि बॉडी मॉस इंडेक्स (बीएमआइ) 25 से अधिक और फिव-4 स्कोर वेल्यु 1.4 से अधिक है तो फैटी लिवर हो सकता है।

हमारे घर में मौजूद रिफाइंड तेल, मैदा व डिब्बाबंद भोजन लिवर के सबसे बड़े दुश्मन हैं। कुछ छोटे बदलाव इस इंजन को फिर नया बना सकते हैं।

बाहर का भोजन बंद करना है, क्योंकि जो तेल घंटों तक उबलता है, वह शरीर के लिए नुकसान पहुंचाता है और इसी से बीमारियां जन्म लेती हैं।

खाने में इनको न कहें
चीनी, मैदा और अधिक नमक।
कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट बंद जूस।
ज्यादा तेल मसाले, बाहर का खाना।
स्मोकिंग और एल्कोहल।

लिवर फ्रेंडली थाली में यह अपनाएं

हरी सब्जियां, लहसुन और हल्दी।
चकोतरा और मौसमी फल।
सरसों का तेल, नींबू पानी।
ब्लैक कॉफी और ग्रीन टी।

5 मिनट का जादुई फॉर्मूला और परफेफ़्ट वेट गणित

एक्सपर्ट के मुताबिक लिवर को डिटॉक्स करने के लिए जिम जाना जरूरी नहीं है। रोजाना केवल 5-10 मिनट कपालभाति या मंडूकासन करने से लिवर की कार्यक्षमता बढ़ती है। आपका वजन ज्यादा तो यह नहीं, यह जानने अपनी लंबाई (सेमी में) में से 100 घटा दें। जो संख्या आएगी, वही आपका आदर्श वजन किलोग्राम में होना चाहिए। इसलिए वजन घटाएं।

एक्सपर्ट व्यू डॉ.सीपी यादव, नोडल अधिकारी एनसीडी

फैटी लिवर से ही लिवर की समस्या शुरू होती है। पहले माना जाता था कि फैटी लिवर सिर्फ शराब के सेवन से होता है, लेकिन अब शराब न पीने वाले लोगों में भी फैटी लिवर हो रहा है। खान-पान और दिनचर्या में सुधार करें तो लिवर एक ऐसा अंग है जिसकी रिपेयरिंग क्षमता बहुत मजबूत है। सही खान-पान और सक्रिय जीवनशैली ही इस इंजन को सीजन होने से बचा सकती है। रोज करीब 30 मिनट एक्सरसाइज करें या फिर सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज जरूरी है।

ये भी पढ़ें

सीएम व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के दिल्ली दौरे से मची खलबली, एमपी में राजनैतिक नियुक्तियां तय
Published on:
19 Apr 2026 09:29 am
Also Read
View All