
Train Theft Incidents: चलती ट्रेनों में सफर के दौरान अगर आपकी भी आंख लग जाती है, तो सावधान हो जाइए। आजकल ट्रेनों में सक्रिय शातिर चोर यात्रियों की इसी नींद की झपकी का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही यात्री की पलक झपकती है, चोर वारदात को अंजाम देकर गायब हो जाते हैं। ताजा मामला कृषि मंत्रालय की महिला इंजीनियर (Agriculture Ministry engineer) के साथ सामने आया है, जो सफर के दौरान नींद आते ही शातिर चोरों का शिकार बन गईं। चोर उनका लैपटॉप, मोबाइल, नकदी और सरकारी पहचान पत्र ले भागे।
गुना निवासी 26 वर्षीय विदुषी जैन पिता महेंद्रकुमार जैन भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के एनआइसी विभाग में इंजीनियर हैं। जो ट्रेन क्रमांक 61611 बीना-रुठियाई मेमो ट्रेन से जनरल कोच में बीना से गुना की यात्रा कर रही थीं। सफर के दौरान उन्होंने अपना लैपटॉप बैग सीट के साइड में सुरक्षित रखा था। रेहटवास पर अचानक आंख लगी और अशोकनगर स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही नींद खुली तो उनका लैपटॉप बैग गायब था।
जीआरपी थाना गुना में की गई शिकायत में विदुषी जैन ने बताया कि उनके बैग में लैपटॉप, एक मोबाइल, 15750 रुपए नकदी, चश्मा, चार्जर, मेकअप का सामान, पैन कार्ड और कृषि मंत्रालय की सरकारी आइडी भी रखी थी। जो सभी उस बैग के साथ चोरी हो गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 77140 रुपए बताई गई है। जीआरपी थाना गुना ने शून्य पर एफआइआर दर्ज कर मामले को जीआरपी थाना अशोकनगर ट्रांसफर कर दिया है। इससे जीआरपी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
ट्रेन में चोरी का यह पहला मामला नहीं है, बल्कि आए दिन चलती ट्रेनों में यात्री चोरों का शिकार बन रहे हैं। चोर इसी पैटर्न पर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लंबी दूरी से यात्रा कर या शादियों में जागने के बाद यात्रियों की ट्रेन में झपकी लग जाती है। झपकी लगते ही चोर उनके मोबाइल व बैग लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं।
महिला यात्री का बैग चोरी हुआ है, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल व नकदी सहित अन्य सामान और मंत्रालय का आइडी कार्ड था। एफआइआर में गृह मंत्रालय गलती से लिखा गया होगा, वह कृषि मंत्रालय में काम करती हैं। एफआइआर दर्ज कर मामले को अशोकनगर जीआरपी थाने भेज दिया गया है।- श्रीपालसिंह भदौरिया, थाना प्रभारी जीआरपी थाना गुना