
Babri Masjid Controversy: पश्चिम बंगाल से शुरू हुआ 'बाबर' के नाम पर विवाद अब अशोकनगर जिले तक पहुंच गया है। यहां भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष ने शहर के बायपास रोड किनारे स्थित सार्वजनिक शौचालय का नाम 'बाबर शौचालय' रख दिया। उस पर नाम की पट्टी भी चस्पा कर दी है। अब इस टॉयलेट की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है।
मामला शहर के तुलसी सरोवर के पास बने नगर पालिका के शौचालय का है। भाजपा मंडल अध्यक्ष और किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष बबलू यादव ने यह कदम उठाया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत वीर महाराणा प्रताप और शिवाजी जैसे महापुरुषों की भूमि है। बाबर एक आक्रांता था, जिसने हिंदू मंदिरों को तोड़ा और हमारे देश को लूटा। ऐसे आक्रांता को महान बताकर उसका महिमामंडन किया जा रहा है, जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं।
अध्यक्ष यादव ने तर्क दिया कि बाबर के नाम पर मस्जिदें नहीं, बल्कि यही शौचालय का नाम होना चाहिए। इसलिए हमने इसका नाम 'बाबर शौचालय' रखा है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष और किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष बबलू यादव ने चेतावनी दी कि जिस प्रकार 1992 में बाबरी ढांचा तोड़ा गया था, उसी प्रकार यदि वहां मस्जिद बनाई गई तो उसे भी तोड़ा जाएगा।
बता दें कि छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद की बरसी थी। इस दिन मुर्शिदाबाद में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने एक बाबरी मस्जिद(Babri Masjid Controversy) की नींव रखी। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें इसे लेकर बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसके बावजूद हुमायूं कबीर ने बेलडंगा में मस्जिद की नींव रखी। इसे लेकर देश भर में हिंदू संगठन के लोग विरोध कर रहे हैं। विरोध की यही आंच अशोकनगर जिले तक पहुंच गई है।