
Delhi-Harayana Most Wanted Criminal Arrested: फिल्मी कहानियों को मात देने वाला सनसनीखेज मामला अशोकनगर जिले के मुंगावली से सामने आया है। दिल्ली व हरियाणा में हत्या, बलवा, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों में पिछले 27 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा हरियाणा का अपराधी यहां सामान्य नागरिक की तरह रह रहा था। नाम, जाति और पहचान बदलकर उसने न सिर्फ एक एएनएम से लव मैरिज की, बल्कि बिना डिग्री के डॉक्टर और स्कूलों में स्पोर्ट्स टीचर तक बन गया। जिसे मुंगावली पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने मुंगावली पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर गांधीनगर का निवासी राजिंदर बारागी पुत्र सूरजमल पर वर्ष 1997 में दिल्ली के जनकपुरी थाने में हत्या के प्रयास के दो मामले दर्ज हुए। वहीं हरियाणा के गन्नौर थाने में 1998 में ही बलवा, हत्या, हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर अपराध दर्ज थे। वर्ष 1999 में वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था, जिसके बाद उस पर एक और मामला दर्ज हुआ। 29 फरवरी 2008 को दिल्ली के रोहिणी न्यायालय ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। जब वह भागा था तब उसकी उम्र 26 साल थी और आज 53 साल की उम्र में वह पुलिस की गिरफ्त में आया है।
27 साल से बेखौफ जिदगी जी रहे इस अपराधी का पर्दाफाश एक जमीनी विवाद के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि जमीन के एक मामले में उसने अपने ही किसी रिश्तेदार को धमकी दे डाली। रिश्तेदार को इसकी असलियत पता थी जिसने दिल्ली क्राइम ब्रांच को इसकी सटीक लोकेशन की टिम दे दी। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार को मुंगावली पहुंची और स्थानीय थाना प्रभारी अरविंद सिंह की मदद से आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक राजिंदर शुरुआत में करीब दो साल मुंबई में रहा और सिक्योरिटी गार्ड बनकर काम किया, जिसका सिक्योरिटी गार्ड का आइकार्ड भी मिला है। इसके बाद वह मध्यप्रदेश के मुंगावली आ गया। यहां उसने अपनी पहचान मिटा दी और राजिंदर बारानी से राजेंद्र सिंह यादव बन गया। शिवपुरी निवासी ममता यादव से लव मैरिज कर ली। ममता यादव स्वास्थ्य विभाग में एएनएम है और मुंगावली के मवऊखेड़ी गांव में पदस्थ है। पत्नी के साथ रहकर उसने इलाज की बारीकियां सीखीं और बिना किसी डिग्री के डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज करने लगा। इतना ही नहीं. वह केंद्रीय विद्यालय सहित कई प्राइवेट स्कूलों में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में भी काम कर चुका था।
पिछले 25 सालों से मुंगावली में किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उनके बीच उठने-बैठने वाला व्यक्ति दो राज्यों का वांटेड अपराधी है।
यह उसने अच्छी खासी प्रोपर्टी भी बना ली थी, उसे दो बच्चे भी हैं। वह यहां अपने मित्रों के यहां शादियों, तेरहवी व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में पहुंचा था।
मंगलवार को उसे मुंगावली न्यायालय में पेश किया गया, जहां से क्राइम ब्रांच उसे अपने साथ दिल्ली ले गई, जिसके पास से कई आइडी कार्ड भी मिले हैं।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इस आरोपी को गिरफ्तार किया है, वह कई सालों से नाम, जाति और पहचान बदलकर यहां रह रहा था। जिसे क्राइम ब्रांच की टीम न्यायालय में पेश करने के बाद अपने साथ दिल्ली ले गई और वहां पर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।- अरविंदसिंह, चाना प्रभारी मुंगावली