अशोकनगर

35 फीसदी रकबे में बोवनी अंकुरण भी दिखने लगा, पांच दिन में बारिश नहीं हुई तो होगा नुकसान

बारिश की देरी से किसानों में चिंता, बोई गई फसल के खत्म होने की आशंका।
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Jul 05, 2018
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35 फीसदी रकबे में बोवनी अंकुरण भी दिखने लगा, पांच दिन में बारिश नहीं हुई तो होगा नुकसान

अशोकनगर@अरविंद जैन की रिपोर्ट...

मानसून की दस्तक के साथ हुई बारिश से किसान जिले के 35 फीसदी रकबे में खरीफ सीजन की बोवनी कर चुके हैं। इससे खेतों में अंकुरण भी दिखने लगा है, लेकिन मानसून की देरी अब किसानों की चिंता बनी हुई है। यदि पांच दिन में बारिश नहीं हुई तो यह बोई हुई फसल खत्म हो जाएगी। इससे किसानों को लाखों रुपए के नुकसान की आशंका है और फिर से बोवनी करना पड़ेगी।

कृषि विभाग के मुताबिक जिलेभर में अब तक करीब 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन और 15 हजार हेक्टेयर में उड़द की फसल बोई जा चुकी है। वहीं मक्का व तुवर भी बोई जा चुकी है। लेकिन बोवनी के बाद से ही जिले में बारिश रुकी हुई है। इससे खेतों में सोयाबीन और उड़द उगकर बाहर दिखने लगा है। साथ ही खेतों में नमी भी घटने लगी है। ऐसे में इन उग आईं फसलों को पानी की जरूरत है और किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन बारिश न होती देख उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं किसानों का कहना है कि यदि पांच दिन तक और बारिश नहीं हुई तो यह फसलें तबाह हो जाएंगी। वहीं क्षेत्र में बारिश के आसार दिखते नजर नहीं आ रहे हैं। बुधवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी चलती रहीं। दोपहर के समय मात्र दो मिनिट के लिए हल्की बूंदाबांदी हुई और इसके बाद धूप निकल आई।

लाखों में खरीदा था बीज, बढ़ेगी समस्या-
पिछले साल सितंबर महीने में हुई बारिश से किसानों की सोयाबीन और उड़द की फसल भीग जाने से बीज खराब हो गया था। इससे किसानों को मंहगे दामों पर बाजार से बीज खरीदना पड़ा और बारिश होते ही उन्होंने बोवनी भी कर दी। अब यदि बारिश इसी तरह से रुकी रहती है तो किसानों को फिर से बोवनी करना पड़ेगी और बीज पर फिर से लाखों रुपए खर्च करना पड़ेंगे।

यहां खाद-बीज तैयार, बोवनी को बारिश का इंतजार-
वहीं जिले के 65 फीसदी खेत सूखे पड़े हुए हैं। किसानों ने खरीफ सीजन की बोवनी के लिए पहले ही मंहगे दामों पर सोयाबीन और उड़द के बीज खरीद लिए थे, साथ ही कई किसानों ने बीजोपचार करने के बाद बीज तैयार कर रख लिए और खाद भी खरीद लिया। लेकिन बारिश न होने से किसान बोवनी नहीं कर पाए। इससे जिले के 65 फीसदी रकबे में खरीफ सीजन की बोवनी के लिए किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है। किसानों का कहना है कि जल्दी ही बारिश नहीं हुई तो उनका दवा मिला बीज खराब होने की आशंका है।

आज हल्की बारिश की उम्मीद-
मौसम विभाग ने जिले में आज हल्की बारिश होने की उम्मीद जताई है। हालांकि मौसम अधिकारियों का कहना है कि बारिश कुछ ही स्थानों पर होने की संभावना है। वहीं अच्छी बारिश के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करने की बात कही जा रही है, क्योंकि मानसून अभी कहीं भी सक्रिय नहीं है।

एक्सपर्ट व्यू : धूप बन रही समस्या-
खेतों में बोई जा चुकी फसलों के लिए धूप समस्या बन रही है। धूप से खेतों की नमी घट रही है, जो अंकुरण होकर खेतों में बाहर दिखने लगी फसलों के लिए नुकसानदायक है। उड़द तो अभी कुछ दिन झेल सकता है, लेकिन सोयाबीन को बारिश की जरूरत है। हालांकि पांच दिन बाद भी यदि बारिश होती है तो यह फसलें बच सकती हैं।

आरपीएस नरवरिया, रिटायर्ड कृषि अधिकारी
जिले के 35 फीसदी रकबे में बोवनी हो चुकी है। करीब 50 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन और 15 हजार हेक्टेयर में उड़द की फसल बोई जा चुकी है। वहीं बारिश न होने से अभी 65 फीसदी रकबे में बोवनी नहीं हो पाई है। बोई गई फसलों के लिए भी पानी की जरूरत है। बारिश की देरी से इन फसलों में नुकसान की आशंका है।
मुकेश रघुवंशी, एसएडीओ कृषि विभाग अशोकनगर

Published on:
05 Jul 2018 04:07 pm