MP News: महाठगी का खौफनाक सिंडिकेट, तांत्रिक सहेली, टैटू आर्टिस्ट और प्रेमी ने फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर बन लूटे 1.30 करोड़, थार से घूमते थे ठग।
MP News: मध्यप्रदेश में प्यार में धोखा, फिर ब्लैकमेलिंग और उसके बाद डर का ऐसा खौफनाक व्यापार हुआ जिसने एक युवती की जिंदगी को नरक बना दिया। मामला अशोकनगर का है जहां पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को भी पीछे छोड़ दे। सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने से शुरू हुआ यह खेल, फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर की धमकियों और तांत्रिक विद्या के मायाजाल तक जा पहुंचा। इस खौफनाक साजिश में पीड़िता से न सिर्फ दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसे डरा-धमकाकर 1.30 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम भी ऐंठ ली गई।
मामले की शुरुआत करीब 5 साल पहले हुई, जब 21 वर्षीय पीड़िता नाबालिग थी और 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान आदित्यसिंह तोमर से हुई। आदित्य ने उसे शादी और सुनहरे भविष्य का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। धीरे-धीरे आदित्य उसे अपने दोस्त आर्यन सोनी के आर्यन टैटू स्टूडियो इंदिरा पार्क पर बुलाने लगा। यहीं पर आदित्य और आर्यन ने मिलकर चोरी-छिपे पीड़िता के कुछ आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और शारीरिक शोषण का घिनौना खेल। पिता के निधन के बाद आदित्य ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से 5 लाख की मांग की और डर के मारे पीड़िता ने उसे 2 लाख रुपये दे भी दिए।
लगातार ब्लैकमेलिंग से टूट चुकी पीड़िता ने अपनी एक परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को भविष्य देखने वाली एस्ट्रोलॉजर व तांत्रिक बताती थी। उसने पीड़िता का दुख दूर करने के बजाय उसकी दौलत देखकर एक खौफनाक साजिश रच डाली। आयुषी ने डराया कि पीड़िता के जीवन में बड़ा संकट आने वाला है, लेकिन वो उस संकट को दूर कर सकती है। इतना ही नहीं आयुषी ने ये भी भरोसा दिलाया कि वह अपने रसूख और पुलिस अधिकारियों से पहचान के जरिए आदित्य के फोन से वीडियो डिलीट करवा सकती है। इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपए ऐंठ लिए।
इसके बाद आयुषी, उसका पति आकाश और आदित्य तोमर ने मिलकर एक क्राइम सिंडिकेट की तरह काम शुरू किया। पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले खुद को क्राइम ब्रांच और सीआईडी का अधिकारी बताते थे। गंदी गालियां, झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी और शारीरिक संबंध बनाने के फर्जी केस का डर दिखाकर पीड़िता से कभी 10 लाख तो कभी 25-25 लाख रुपये वसूले गए। आयुषी लगातार उसे डराती रही कि पुलिस के पास मत जाना, वरना बदनामी होगी और शादी नहीं हो पाएगी।
अक्टूबर 2025 में खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा अफसर बताकर आरोपियों ने पीड़िता से 60 लाख रुपए की डिमांड कर दी। इस बार आयुषी ने पीड़िता को उसके माता-पिता का सोना गिरवी रखने पर मजबूर किया। आयुषी उसे एक गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले गई और 450 ग्राम सोने पर 35 लाख रुपए का लोन निकलवा कर पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
लगातार हो रही इस खौफनाक प्रताड़ना और घर में घुसकर दी गई धमकियों के बाद, पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और परिजनों के साथ एसपी राजीव कुमार मिश्रा के पास पहुंची। मामले की गंभीरता और करोड़ों की ठगी को देखते हुए एसपी ने तत्काल टीआई कोतवाली रविप्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष साइबर और फिजिकल टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच की और चंद दिनों के भीतर इस शातिर गैंग का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट के चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी व प्रेमी आदित्यसिंह तोमर, तांत्रिक महिला आयुषी चौहान, आकाश चौहान (आयुषी का पति) और आर्यन सोनी टैटू आर्टिस्ट शामिल हैं।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी ठगी के करोड़ों रुपयों से बेहद लग्जरी जीवन जी रहे थे। महंगी थार रॉक्स एसयूवी खरीदी गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के तांत्रिक स्थलों पर जाते थे, वहां तंत्र-मंत्र और बलियां देते थे ताकि वे पकड़े न जाएं। खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए आयुषी ठगी के पैसों का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में भी उड़ाती थी। आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई चमचमाती थार रॉक्स कार, करीब 40 लाख रुपए का सोना, डेढ़ लाख रुपए नकद, स्कूटी और लेपटॉप बरामद किया है।