
Ashoknagar news: देशभर में लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाने वाले एक शातिर और हाई-टेक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सिर्फ ऑनलाइन ठगी तक सीमित नहीं था, बल्कि फर्जी पुलिस बनकर फिल्मी अंदाज में लाखों की वसूली भी करता था। नईसराय थाना पुलिस की दबिश ने आगरा के एक व्यापारी से 30 लाख रुपए ऐंठने की इनकी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके पास से लग्जरी कारें, सैकड़ों सिम कार्ड, पुलिस के इस्तेमाल वाले वॉकी-टॉकी (मेन पैक सेट) और भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक ने साइबर अपराध के एक बड़े नेक्सस को बेनकाब किया है। प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाला सच सामने आया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर एयरटेल और फिनो पेमेंट बैंक आदि में खाते खुलवाता था। बाद में इन खातों को मोटे कमीशन पर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था, जिनका इस्तेमाल देश भर में होने वाली ऑनलाइन ठगी की रकम खपाने में होता था।
गिरफ्तार आरोपी छोटू उर्फ चंद्रपाल यादव निवासी पिपरौदा कला जिला गुना और दीपक ओझा निवासी नानाखेड़ी जिला गुना ने पूछताछ में एक और खौफनाक साजिश कबूली है। इन ठगों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आगरा के रहने वाले राजू उर्फ पवन को पुलिस बनकर अगवा किया था। इनकी गाड़ियों पर पुलिस का मोनोग्राम लगा था और हाथों में पुलिस वाले वायरलेस सेट थे, ताकि ये असली पुलिस दिखें। 30 लाख रुपये में सेटलमेंट की बातचीत चल ही रही थी कि नईसराय थाना प्रभारी आशुतोष गुप्ता की टीम ने दबिश दे दी। असली पुलिस को देखते ही कई फर्जी पुलिस वाले अपनी कारों को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के पूरे कंट्रोल रूम को ही जब्त कर लिया है। जिसमें 2 लग्जरी कारें पुलिस मोनोग्राम के साथ, पुलिस विभाग में प्रयुक्त होने वाले वायरलेस, लैपटॉप और बड़ी संख्या में मोबाइल फोन एयरटेल और बीएसएनएल के सैकड़ों इस्तेमाल किए गए और नए सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों की खाता संबंधी वेलकम किट, एटीएम व डेबिट कार्ड और आधार कार्ड शामिल हैं।
अब पुलिस राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के डेटाबेस से इन खातों का मिलान कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह ने देश के किन-किन राज्यों में कितने करोड़ की ठगी की है। फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।
पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि चंद रुपयों के लालच या कमीशन के चक्कर में अपने पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते या सिम कार्ड किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। आपका यह कदम आपको सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की भनक लगते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।