आधा घंटे तक गांव में चली बहस, ग्रामीण बोले तुम आपसी के हो और हाथ जोड़कर निवेदन है कि फिर से प्रचार के लिए मत आ जाना।
अशोकनगर. शहर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में भी एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट का विरोध बढ़ गया है। तीन कांग्रेसी नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क के लिए गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। साथ ही आधा घंटे तक चली बहस के बाद उन्हें वापस लौटा दिया। कांग्रेसी बोले की हमारी पार्टी ने लागू नहीं किया और कांग्रेस की सरकार भी नहीं है। इस पर ग्रामीण बोले कि इस एक्ट की मूल जड़ तो कांग्रेस ही है। हालांकि ग्रामीणों की नाराजगी देख कांग्रेसी वापस लौट गए।
मामला बुधवार को क्षेत्र के पिपरेसरा गांव का है। कांग्रेस के नईसराय मंडल अध्यक्ष सुनील रघुवंशी, ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णभानसिंह यादव और लोकसभा क्षेत्र उपाध्यक्ष सतपालसिंह रघुवंशी करीब आठ कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर दो बजे पिपरेसरा गांव पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों ने घेर लिया।साथ ही एक्ट के विरोध में नाराजगी जताई और कहा कि तुम आपसी के लोग हो, इसलिए हाथ जोड़कर निवेदन है कि अब गांव में कभी भी प्रचार के लिए मत आना, तुम तो वहीं जाओ और उन्हीं लोगों से तुम्हें वोट मिलेंगे।
रामसिंह, रमेश और चंद्रभानसिंह सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कांग्रेसी करीब आधा घंटे तक गांव में रुके और ग्रामीणों की नाराजगी के बाद वापस लौट गए। ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा-कांग्रेस और अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेताओं को भी गांव में नहीं घुसने देंगे।
समिति बोली आने लगे एक्ट के परिणाम-
सर्व अल्पसंख्यक, पिछड़ा और सामान्य वर्ग समाज के अमित रघुवंशी का कहना है कि 25 मई को उन्होंने सभी पार्टियों को चेतावनी दी थी कि और गांवों में नेताओं को विरोध होने की बात कही थी। चेतावनी के दो दिन बाद ही ग्रामीण क्षेत्र से इस एक्ट के विरोध के परिणाम सामने आने लगे हैं और आगे भी इसी तरह से ग्रामीणों द्वारा राजनैतिक दलों के नेताओं को गांव से लौटाया जाएगा।