
लडक़े तो पढ़ रहे, लड़कियां पिछड़ रहीं
सीहोर। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के गायब रहने की पोल मंगलवार को उस समय एक बार फिर खुल गई। जब डीइओ शहर के कस्तूरबा स्कूल में आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचे। सुबह 10.15 स्कूल की एक शिक्षिका और दो चपरासी बिना किसी सूचना के गायब थे। इसके साथ ही संस्था प्राचार्य सहित नौ शिक्षक व अन्य कर्मचारी समय से काफी देरी से पहुंचे।
डीइओ ने तीन गायब कर्मचारियों के अलावा प्राचार्य सहित सभी नौ लोगों की एक-एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है। जिले के सरकारी स्कूलों के हालात किसी से छुपे नहीं हैं. इन स्कूलों में पढ़ाई का स्तर तो काफी दयनीय रहता है. इसका कारण शिक्षकों की उपस्थिति केवल हाजिरी रजिस्टर तक ही सीमित रहना है। इसकी पोल उस समय उजागर हो जाती है, जब अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण के लिए स्कूल पहुंचते हैं।
मंगलवार को भी कुछ यही हुआ। डीइओ एसपी त्रिपाठी सुबह 10.15 कस्तूरबा स्कूल पहुंचे तो उनकी आंखे फटी रह गईं। स्कूल का अधिकांश स्टाफ गायब था। निरीक्षण के दौरान संस्था में पदस्थ सहायक अध्यापक राजकुमारी कुशवाह एवं दो भृत्य दीनदयाल और राहुल देव बिना किसी सूचना के गायब थे। इधर, डीइओ के स्कूल में निरीक्षण पर पहुंचने की सूचना के चलते आनन- फानन में नौ शिक्षक और चपरासी स्कूल में जा पहुंचे।
डीइओ एसपी त्रिपाठी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्कूल में परिसर में गंदगी का माहौल बना हुआ था तो कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी सोचनीय थी। हालांकि माध्यमिक विभाग के प्रधानाध्यापक संस्था में उपस्थित पाए गए,लेकिन स्कूल परिसर में साफ-सफाई का कहीं पता नहीं था।
डीइओ ने संस्था प्राचार्य तसनीम गौरी, माध्यमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक कमल सिंह कोदिया के साथ-साथ अनुपस्थित शिक्षक एवं दो भृत्यों सहित स्कूल में देर से पहुंचने वाले 9 शिक्षकों एवं भृत्यों का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही उनकी एक-एक वेतनवृद्वि रोके जाने के के कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
Updated on:
27 Sep 2018, 11:18 AM IST
Published on:
27 Sep 2018, 11:18 AM IST
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