
Ashoknagar news: एमपी में अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा कस्बे में राजस्व विभाग का अजब-गजब कारनामा सामने आया है, जिसने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। यहां राजस्व टीम ने सीमांकन के नाम पर 80 वर्षीय बुजुर्ग को कस्बे की 25 फीट चौड़ी और 200 फीट लंबी मुख्य सडक़ ही उसकी निजी संपत्ति बताकर सौंप दी। जब बुजुर्ग ने उस रास्ते पर मुरम डालकर रास्ता बंद कर दिया, तो प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। बुधवार को पुलिस, राजस्व और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और बैठे बुजुर्ग को उठाकर थाने ले गई, जिसके बाद जेसीबी से रास्ता खोला जा सका।
मामला शाढ़ौरा के बस स्टैंड से कटरा बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग का है। 80 वर्षीय सुखलाल लोधी की सर्वे नंबर 1313 में 0.052 हेक्टेयर व 1314 में 0.021 हेक्टेयर जमीन है। जिन्होंने साल 2017 में सीमांकन कराने आवेदन किया तो सीमांकन कर जमीन एक दिशा में नाप दी गई, कई मकान जद में आ गए तो उन लोगों ने अपील की थी। इससे एसडीएम ने उस सीमांकन को निरस्त कर दोबारा सीमांकन के निर्देश दिए। 2017 से अब तक सुखलाल लोधी 75 बार आवेदन दे चुके थे। 8 सितंबर को आरआई व पटवारियों ने सीमांकन कर मुख्य सडक़ उनकी जमीन बताकर नाप दी और सडक़ पर सीमा चिन्ह लगा दिए। जब सुखलाल लोधी ने इसे गलत बताया तो राजस्व टीम ने मोहल्ले वालों कहा कि यह जमीन सुखलाल लोधी की है।
सीमांकन के बाद सुखलाल लोधी ने 13 सितंबर को थाने में आवेदन दिया कि राजस्व विभाग ने यह जमीन उनके स्वामित्व की बताई है, इसलिए वे इस पर अपना कब्जा ले रहे हैं। इसके बाद उन्होंने मुख्य सडक़ के दोनों तरफ मुरम डालकर रास्ता बंद कर सडक़ पर कब्जा कर लिया। सडक़ बंद होने से कस्बे में हडक़ंप मच गया। बुधवार को पुलिस, राजस्व व नगर परिषद का अमला पहुंचा, तो 80 वर्षीय सुखलाल लोधी मुरम के ढेर पर जाकर बैठ गए। बाद में पुलिस और राजस्व टीम बुजुर्ग को थाने ले गई और नगर परिषद की टीम ने जेसीबी ने मुरम हटाकर रास्ता चालू किया।
पूरे मामले की असली वजह सिस्टम की बड़ी तकनीकी खामी है। जानकारों के मुताबिक, पुराने मैनुअल हस्त नक्शे और वर्तमान डिजिटल नक्शे में अंतर है। डिजिटल नक्शा दक्षिण और पूर्व दिशा की तरफ बढ़ते क्रम में है, जिससे लोकेशन में करीब 75 फीट का अंतर आ गया है। शाढ़ौरा में बढ़ रहे जमीनी विवादों की सबसे बड़ी जड़ यही 75 फीट का डिजिटल घपला है, जिसका खामियाजा सुखलाल लोधी जैसे लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
सीमांकन में वह भूमि सुखलाल लोधी की आई है, लेकिन हमने अभी उन्हें कब्जा नहीं दिया है। कब्जे के लिए उन्हें विधिवत आवेदन करना होगा, उसके बाद ही कब्जा दिया जाएगा। सुखाचार अधिनियम के तहत आम रास्ते की आवाजाही को बंद नहीं किया जा सकता, इसलिए रास्ता खोलने की कार्रवाई की गई है।- गौरीशंकर बैरवा, तहसीलदार शाढ़ौरा
सुखलाल लोधी द्वारा मुख्य रास्ता बंद करने की शिकायत मिली थी, जिस पर उन्हें थाने लाया गया था। फिलहाल उन्हें बाउंड ओवर कर छोड़ा जा रहा है, ताकि वे दोबारा इस तरह सार्वजनिक रास्ता बंद न कर सकें।-सुनील सिकरवार, थाना प्रभारी शाढ़ौरा