mp news: काले कपड़े पहनकर विरोध करने और पुतला दहन पर भी लगा पूर्ण प्रतिबंध, सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर।
mp news: आगामी दिनों में होने वाले राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर अशोकनगर जिले में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अब सोशल मीडिया पर फ्रीडम ऑफ स्पीच की आड़ में अफवाह या भड़काऊ सामग्री परोसना भारी पड़ेगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी व्हाट्सएप या सोशल मीडिया ग्रुप में अगर कोई आपत्तिजनक पोस्ट आती है, तो पोस्ट करने वाले के साथ-साथ ग्रुप एडमिन पर भी सीधी और सख्त कार्रवाई होगी। अपर कलेक्टर देवकीनंदन सिंह ने एसपी के प्रतिवेदन के आधार पर पूरे अशोकनगर जिले की राजस्व सीमाओं में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 7 मई 2026 से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
इस नए आदेश में सबसे ज्यादा जिम्मेदारी सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन्स पर तय की गई है। आदेश के मुताबिक:
- एडमिन का दायित्व: किसी भी ग्रुप में भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट नहीं आनी चाहिए।
- तत्काल एक्शन जरूरी: यदि कोई सदस्य ऐसी पोस्ट करता है, तो एडमिन को उसे तुरंत डिलीट करना होगा और उस व्यक्ति को ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखाना होगा।
- पुलिस को देनी होगी सूचना: केवल ग्रुप से निकालना ही काफी नहीं होगा, एडमिन को उस व्यक्ति के खिलाफ स्थानीय पुलिस को भी सूचित करना होगा।
- चूके तो खैर नहीं: यदि ग्रुप एडमिन ऐसा करने में विफल रहता है, तो उस भड़काऊ पोस्ट के लिए सीधे तौर पर एडमिन को ही जवाबदेह माना जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने केवल वर्चुअल दुनिया ही नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत पर भी कड़ा पहरा लगा दिया है। अब जिले में अनुमति लेकर किए जाने वाले धरना-प्रदर्शनों में भी काले झंडे दिखाने, काले कपड़े पहनकर विरोध जताने या पुतला दहन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा किसी भी भड़काऊ नारे लगाने को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
- किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कार्यक्रम, भाषण या सोशल मीडिया पोस्ट पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- राजनीतिक दलों से जुड़े व्यक्तियों की छवि खराब करने या उन्हें व्यक्तिगत क्षति पहुंचाने वाली पोस्ट डालना भी गैरकानूनी होगा।
- कोई भी मुद्रण या प्रकाशन ऐसा नहीं होगा जिससे दो समुदायों के बीच वैमनस्यता फैले।
दरअसल, एसपी ने प्रशासन को अवगत कराया था कि आगामी कार्यक्रमों के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप के जरिए अफवाहें फैलाकर लोक शांति भंग करने की आशंका है। इसी रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए, यह प्रतिबंध लगाए गए हैं। एडीएम ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नए आपराधिक कानूनों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।