अशोकनगर

शहर से 15 हजार कपड़े एकत्रित कर गरीब परिवारों में करेंगे वितरित

तीन साल पहले गुना में दीपावली पर निवस्त्र बच्चे को देखा तो शुरू की मुहिम, सात दोस्त तीन साल से दीपावली पर एकत्रित करते हैं गरीबों के लिए कपड़े।
2 min read
• •
Updated: 29 Oct 2018, 5:06 PM IST
news4
शहर से 15 हजार कपड़े एकत्रित कर गरीब परिवारों में करेंगे वितरित

अशोकनगर। दीपावली खुशियों और उजाले का त्यौहार है, गरीब परिवार भी अच्छे कपड़े पहनकर दीपावली मनाएं। इसके लिए सात दोस्त हर साल दीपावली से पहले कपड़े एकत्रित करते हैं और गरीब परिवारों में वितरित करते हैं।

दीपावली पर तीन साल से उनकी यह मुहिम चल रही है और इस बार उनका लक्ष्य 15 हजार कपड़े एकत्रित करने का है। इसके लिए उनके दो दोस्त तो भोपाल और इंदौर से जॉब से छुट्टी लेकर शहर आ गए हैं।


चार साल पहले दीपावली पर गुना में एक गरीब बच्चे को निवस्त्र देखा। बाद में घर पर पुराने कपड़ों को देखा तो सातों दोस्तों ने यह निर्णय लिया कि हर साल दीपावली से दस दिन पहले घरों से कपड़े एकत्रित करेंगे और गरीब परिवारों को वितरित करेंगे। ताकि वह भी खुशी से दीपावली मना सकें।


बिजली कंपनी के काम करने वाले भरत व्यास, गौरव शर्मा, रेलवे टेक्नीशियन आशीष चौरसिया, विवेक साहू, एलआईसी में जॉब करने वाले सुलभ जैन, नीरज व्यास और सुरेश साहू ने तीन साल पहले अपनी यह पहल शुरू की। जो हर साल 10 से 12 हजार कपड़े घरों से एकत्रित करते हैं और गरीब बस्तियों में पहुंचकर वितरित करते हैं।

भरत व्यास ने बताया कि इस बार 15 हजार कपड़े एकत्रित करने का लक्ष्य है और घर-घर जाकर वह तीन नबंवर तक एकत्रित करेंगे। चार नबंवर को शहर और आसपास की गरीब बस्तियों में लोगों को यह कपड़े वितरित करेंगे। उनका कहना है कि यदि कोई कपड़े देना चाहे तो उनके नंबर 9630961123 पर संपर्क कर सकता है।

ताकि बंद न हो सके प्रयास-
गौरव शर्मा- मूलत: विदिशा जिले के लटेरी के रहने वाले हैं और इंदौर में पीएससी की तैयारी कर रहे हैं, साथ ही प्राईवेट कॉलेज में भी पढ़ाते हैं।

गौरव ने बताया कि वह 10 दिन पहले इसीलिए छुट्टी लेकर आए हैं कि दीपावली पर गरीब परिवारों को कपड़े एकत्रित कर वितरित कर सकें। ताकि गरीब परिवार भी खुशी से दीपावली मनाएं। गौरव चार नबंवर को अपने घर जाएंगे।


विवेक साह- जिले के ग्राम खिरिया के रहने वाले हैं और भोपाल में बैंकिंग की कोचिंग के साथ प्राईवेट जॉब भी करते हैं। विवेक ने बताया कि इस बार वह भोपाल में जॉब से छुट्टी लेकर आए हैं कि दोस्तों के प्रयास में सहयोग कर सकें।
जब गरीब परिवारों को कपड़े वितरित करते हैं, वहीं खुशी का अहसास होता है। वह दीपावली से दो दिन पहले अपने घर जाएंगे। तब तक शहर में घर-घर से गरीबों के लिए कपड़े एकत्रित करेंगे।

Published on: