अशोकनगर

छात्र ने स्कूल में किया आत्महत्या का प्रयास

छात्र को फांसी पर झूलता देख उसके रूम मेट छात्रों ने उसे ऊपर उठा लिया...

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Feb 25, 2018
ashoknagar

अशोकनगर। ईसागढ़ के जवाहर नवोदय हायर सेकंडरी स्कूल के एक दलित छात्र द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के प्रयास का मामला सामने आया है। छात्र को फांसी पर झूलता देख उसके रूम मेट छात्रों ने उसे ऊपर उठा लिया इससे उसकी जान बच गई।

मामले में खास बात यह है कि इतने संवेदनशील मामले की सूचना प्रथम दृष्टया पुलिस को देने के स्थान पर स्कूल प्रबंधन ने छात्र को उसके घर भेज दिया। घटना बीती 21 फरवरी की दोपहर की बताई जा रही है। पत्रिका द्वारा जब इस मामले में पड़ताल की तथा छात्रों व प्राचार्या से बात भी की।

इस दौरान स्कूल की प्राचार्या ने छात्र द्वारा फांसी लगाए जाने का प्रयास किए जाने की बात तो स्वीकार की, लेकिन इसका कारण पारिवारिक कारणों को बताया। हालांकि, जब उनसे कहा गया कि मामले की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई तो इस बात का वह कोई जवाब नहीं दे सकीं।

श्योपुर जिले के दलित छात्र परम धरम ने ब्लॉक के खिरिया देवत गांव में संचालित नवोदय विद्यालय में बीते साल ही कक्षा 11वीं में प्रवेश लिया था। इस वर्ष वह कला संकाय से कक्षा 12 वीं का छात्र था। वह स्कूल में छात्रों को रहने के लिए बनाए गए चार कैंपसों में से शिवालिक भवन में अन्य छात्रों के साथ रहता था। जानकारी के अनुसार बीती 21 फरवरी को दोपहर लगभग 11-12 बजे जब छात्र फेयरवेल पार्टी की तैयारी कर रहे हैं।

उसी समय 12वीं कक्षा का छात्र परम धरम कमरे में पहुंचा और पंखे से रस्सी का फंदा तैयार करने लगा। पत्रिका से बातचीत करते हुए उसके रूम मेट छात्रों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि वह मजाक कर रहा है, लेकिन फंदा बनाकर जैसे ही धरम उस पर झूला तो उनके मुंह से चीख निकल गई।

इसके बाद फांसी पर झूले छात्र को पैर पकड़कर ऊपर उठा लिया। साथ ही गले में से फांसी का फंदा निकाला। छात्रों ने बताया कि इस काम में अगर कुछ सेकंड की देरी हो जाती तो छात्र को बचा पाना मुश्किल था। स्कूल प्रबंधन के पास पहुंचा मामला तो छात्र को पहुंचाया घर छात्रों ने बताया कि घटना के बाद मामले की जानकारी शिवालिक परिसर की व्यवस्था देखने वाले जेपी गुप्ता को दी। उन्होंने इस मामले को लेकर स्कूल की प्राचार्या फातिमा बी से बात की।

इसके बाद छात्र को स्कूल के कर्मचारियों के साथ श्योपुर भेज दिया। इस तरह के मामलों की सूचना सबसे पहले पुलिस को देना चाहिए। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना देने के स्थान पर छात्र को घर भेज दिया।

एक अन्य छात्र के साथ भी की मारपीट
छात्रों से बात करने पर पता चला कि इस दौरान एक अन्य छात्र के साथ भी स्कूल स्टॉफ ने मारपीट की। छात्र की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने जल्दी दरवाजा नहीं खोला। 9वीं कक्षा के छात्रों ने बताया कि 22 फरवरी को सुमित नाम का छात्र कमरे में बैठा था। शिक्षकों ने दरवाजा खटखटाया देर से दरवाजा खोलने पर छात्र की मारपीट की गई।

छात्र परम धरम की सगाई हो चुकी थी। वह मंगेतर से बात भी करता था। छात्र की सगाई टूट गई तो उसने फांसी लगाकर आत्म हत्या करने का प्रयास किया। इसकी सूचना हमने हेडक्वार्टर को दी और हेड क्वार्टर से मिले निर्देशों के अनुसार छात्र को वापस श्योपुर उसके घर भेज दिया। किसी भी घटना की जानकारी हम हेड क्वार्टर ही देते हैं। वहां से जैसे हमें दिशा निर्देश मिलते हैं, उन्हें हम फॉलो करते हैं। छात्र सुमित के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी का जहां तक सवाल है तो वह मोबाइल चला रहा था। इसी बात को लेकर शिक्षक ने पिटाई की है। छात्र के साथ कोई ज्यादा पिटाई नहीं की गई।
— फातिमा बी, प्राचार्या नवोदय विद्यालय खिरिया देवत

Published on:
25 Feb 2018 02:23 pm