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सड़क पर उतरे सीएम शिवराज, सड़कों पर लगाई झाडू

शहर के कई हिस्सों मे रविवार को चलाया गया सफाई अभियान...

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भोपाल। शहर के कई क्षेत्रों में रविवार को सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सफाई के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए पॉलिटेक्निक चौराहा पर सुबह 9 से 11 बजे तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व महापौर आलोक शर्मा उपस्थित रहे। जिन्होंने झाडू लगाकर व कचरे की गाड़ी को खींच कर सफाई का संदेश दिया।

वहीं बोर्ड ऑफिस चौराहा वा लिली टॉकीज चौराहे पर भी इसी दिन सुबह सफाई अभियान चलाया गया, यह कार्यक्रम जिला अध्यक्ष विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह की उपस्थिति में चलाया गया।

जानिये क्या है सफाई अभियान...
स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य गलियों, सड़कों तथा अधोसंरचना को साफ-सुथरा करना है। यह अभियान महात्मा गांधी के जन्मदिवस यानि 02 अक्टूबर को वर्ष 2014 को शुरू किया गया।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को गुलामी से मुक्त कराया, परन्तु 'क्लीन इण्डिया' का उनका सपना पूरा नहीं हुआ। वहीं महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था।

स्वच्छ भारत का उद्देश्य व्यक्ति, क्लस्टर और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के माध्यम से खुले में शौच की समस्या को कम करना या समाप्त करना है।

स्वच्छ भारत मिशन लैट्रिन उपयोग की निगरानी के जवाबदेह तंत्र को स्थापित करने की भी एक पहल करेगा। सरकार ने 2 अक्टूबर 2019, महात्मा गांधी के जन्म की 150 वीं वर्षगांठ तक ग्रामीण भारत में 1.96 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत (यूएस $ 30 बिलियन) के 1.2 करोड़ शौचालयों का निर्माण करके खुले में शौंच मुक्त भारत (ओडीएफ) को हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

आधिकारिक रूप से 1 अप्रैल 1999 से शुरू, भारत सरकार ने व्यापक ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम का पुनर्गठन किया और पूर्ण स्वच्छता अभियान (टीएससी) शुरू किया, जिसको बाद में (1 अप्रैल 2012 को) प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा निर्मल भारत अभियान (एनबीए) नाम दिया गया।

स्वच्छ भारत अभियान के रूप में 24 सितंबर 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी से निर्मल भारत अभियान का पुनर्गठन किया गया था।

निर्मल भारत अभियान (1999 से 2012 तक पूर्ण स्वच्छता अभियान, या टीएससी) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई समुदाय की अगुवाई वाली पूर्ण स्वच्छता (सीएलटीएस) के सिद्धांतों के तहत एक कार्यक्रम था। इस स्थिति को हासिल करने वाले गांवों को निर्मल ग्राम पुरस्कार नामक कार्यक्रम के तहत मौद्रिक पुरस्कार और उच्च प्रचार प्राप्त हुआ।