एशिया

गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा के विरोध में सक्रिय हुए कट्टरपंथी

पीटीआई के चेयरमैन इमरान खान ने स्कूलों पर हमले की निंदा की है और वादा किया है कि उनकी पार्टी देश भर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रावधान को सुनिश्चित करने के लिए अपने एजेंडे को लागू करेगी।

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गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में दर्जन भर स्कूल फूंके गए, घटना के पीछे कट्टरपंथियों का हाथ

लाहौर। पाकिस्तान के गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में कट्टरपंथी लड़कियों की शिक्षा के विरोध में लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को 12 स्कूल जलाये गए उनमें ज्यादातर लड़कियों के स्कूल हैं। पाकिस्तानी मीडिया ने डॉयमर जिले के पुलिस आयुक्त अब्दुल वहीद के हवाले से बताया कि हमलावरों ने दोपहर बाद लगभग दो-तीन बजे के बीच स्कूलों में आग लगाई। आग लगाने के बाद आतंकी भाग गए। घटना के बाद स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।

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कोई हताहत नहीं

डॉयमर के अधीक्षक पुलिस रॉय अजमल के हाल से पाकिस्तानी मीडिया की खबरों में कहा गया है कि पुलिस को अब तक जानकारी मिली है कि 12 स्कूल ─ जिनमें से कम से कम 7 केवल लड़कियां के स्कूल हैं, उनमें आग लगा दी गई।उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में, किताबों को स्कूलों के बाहर भी फेंक दिया गया है और फर्नीचर आदि को भरी नुकसान पहुंचाया गया है।
स्कूलों पर हमले शुक्रवार को सुबह भी हुए थे। जलाये जाने के समय स्कूल बंद थे इसलिए घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। जांच के लिए पुलिस टीमों को भेज दिया गया है। फिलहाल अभी तक किसी संगठन ने इन घटनाओं की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।

स्कूलों पर हमले का सिलसिला पुराना

जिन स्कूलों को निशाना बनाया गया, उनमें आठ स्कूल सरकारी थे, जबकि चार स्कूल दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में अफगानिस्तान, चीन और भारत की सीमा पर स्थित गैर लाभकारी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे थे। यहां हर स्कूल में औसतन लगभग 200 से 300 लड़कियां पंजीकृत हैं। बताया जा रहा है डॉयमर जिले में 2004 से 2011 के बीच भी ऐसे ही हमले हुए थे। बता दें कि पाकिस्तान के गिलगिट-बाल्टिस्तान में साक्षरता दर न्यूनतम है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2007 से 2015 के बीच पाकिस्तान में कुल 867 शिक्षण संस्थाओं पर हमले हुए हैं जिनमें 392 लोगों की मौत हो गई तथा 724 लोग घायल हुए हैं।

इमरान खान ने घटना की निंदा की

पीटीआई के चेयरमैन इमरान खान ने स्कूलों पर हमले की निंदा की है और वादा किया है कि उनकी पार्टी देश भर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रावधान को सुनिश्चित करने के लिए अपने एजेंडे को लागू करेगी। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शिक्षा आने वाली सरकार की नीतियों का एक अभिन्न हिस्सा है।

पाकिस्तान में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा शिक्षकों, विद्यार्थियों खासकर छात्राओं पर हमले सामान्य हैं। यहां 2.3 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। स्थानीय लोगों ने स्कूलों को जलाने के खिलाफ एक विरोध रैली आयोजित की और मांग की कि पुलिस तुरंत अपराधियों को गिरफ्तार करे। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कोई तालिबान आतंकवादी नहीं हैं, हालांकि, महिला शिक्षा का विरोध करने वाले चरमपंथी तत्व मौजूद हैं।

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Updated on:
04 Aug 2018 09:42 am
Published on:
04 Aug 2018 07:55 am
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