अफगानिस्तान गए छह भारतीयों के अपहरण पर एक प्रत्यक्षदर्शी ने अहम जानकारी दी है। इसके साथ ही वहां विदेश मंत्री ने भी सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है।
नई दिल्ली। अफगानिस्तान में हुए छह भारतीयों के अपहरण को लेकर एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। भारतीयों की लोकेशन को लेकर मिली इस जानकारी से तालिबान पर हो रहा शक और पुख्ता होता नजर आ रहा है। इसके अलावा अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने भी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा किया है।
क्या है प्रत्यक्षदर्शी का दावा
पहचान जाहिर रखने की शर्त पर एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी ने अफगानी न्यूज चैनल को बताया कि उसने पुल-ए-खुमरी-मजार-ए-शरीफ राजमार्ग पर हथियारबंद लोगों को एक सफेद कार को रोकते हुए देखा। हालांकि प्रत्यक्षदर्शी को यह जानकारी नहीं थी कि कार में कितने लोग थे, लेकिन उसने बताया कि तालिबान भारतीय नागरिकों को अपनी मिनी बस में लेकर अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में चले गए।
अफगानी विदेश मंत्री ने किया ये दावा
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी ने इस संबंध में भारत के राजदूत विनय कुमार से बातचीत की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अफगान सुरक्षा बल अगवा किए गए भारतीय इंजीनियरों की सुरक्षा और सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
...यह है इंजीनियरों के अपहरण की कहानी
रविवार को अफगानिस्तान के बगलान प्रांत से हथियारबंद तालिबानी लड़ाकों ने छह भारतीय इंजीनियरों का अपहरण कर लिया। ये सभी आरपीजी समूह के केईसी इंटरनेशनल में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। इस संबंध में रब्बानी ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी फोन पर बातचीत की थी। सुषमा ने भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। साथ ही उनका पता लगाने और छुड़ाने में मदद का अनुरोध किया।