HIGHLIGHTS अफगानिस्तान ( Afghanistan ) के उत्तरी कुंदुज प्रांत में तालिबानी हमले ( Taliban Attack ) में अफगान सेना ( Afghan Army ) के पांच सैनिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। उत्तरी जौजान प्रांत में तालिबान ने अक्चा जिले के बाला हिसार में सेना के एक शिविर पर हमला ( Attack on an army camp ) किया। इस हमले में अफगानी सेना के 12 जवान मारे गए।
काबुल। अफगानिस्तान ( Afghanistan ) में अमरीका और तालिबान ( America and Taliban ) के बीच शांति वार्ता होने के बाद भी लगातार हमलों का सिलसिला जारी है। अब इसी कड़ी में बुधवार को तालिबानी आतंकियों ( Talibani Terrorist ) ने एक बड़े हमले को अंजाम दिया है।
तालिबानी आतंकियों की ओर से अफगानिस्तान के दो उत्तरी प्रांतों में स्थित सैन्य शिविरों पर हमला ( Attack On Army Camp ) किया गया। इस हमले में कम से कम 17 अफगानी सैनिक मारे गए, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, उत्तरी कुंदुज प्रांत में, अफगान सेना ( Afghan Army ) के पांच सैनिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए, जबकि प्रांतीय राजधानी कुंदुज के पास के एक इलाके तलवाका में एक झड़प हुई।
सेना के 217 पामीर कोर के अब्दुल कादिर ने सिन्हुआ को बताया कि लगभग दो घंटे की लड़ाई के बाद तालिबान विद्रोहियों को साइट से वापस ले लिया गया। घटनास्थल से वापस जाने के लिए मजबूर हो गए। इस दौरान चार आतंकवादी भी मारे गए हैं।
वहीं, उत्तरी जौजान प्रांत में, तालिबान ने अक्चा जिले के बाला हिसार में सेना के एक शिविर पर हमला किया। इस हमले में अफगानी सेना के 12 जवान मारे गए और पांच आतंकवादियों की मौत ( Terrorist Killed ) हो गई, जबकि पांच सैनिक और 10 आतंकवादी घायल हो गए। प्रांतीय सरकार के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है।
मस्जिद में IED धमाका
आपको बता दें कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित एक मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आतंकियों ने एक बड़े हमले को अंजाम ( IED Blast In Mosque ) दिया था। इस हमले में मस्जिद के इमाम समेत चार लोगों की मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, काबुल के पश्चिम स्थित शेरशाह सूरी मस्जिद में IED से धमाका किया गया था। इस धमाके में कई लोग घायल भी हो गए थे। बता दें कि इससे पहले 2 जून को काबुल के डाउन टाउन में वजीर अकबर खान मस्जिद में भी विस्फोट हुआ था। इस धमाके में मस्जिद के इमाम मोहम्मद अयाज नियाजी की मौत हो गई थी। हालांकि इस घटना की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली थी।