अफगानिस्तान में शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुए थे अब्दुल्ला अब्दुल्ला इससे पहले 2009 और 2014 में चुनाव हार चुके हैं
काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान के विरोध के बावजूद हुए शनिवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में चीफ एग्जिक्यूटिव अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने अपनी जीत का दावा किया है।
सोमवार को एक बयान देते हुए अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा कि वे इस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर रहे हैं। हालांकि अभी तक चुनाव परिणाम का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।
राष्ट्रपति अशरफ गनी के सबसे अहम प्रतिद्वंद्वी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस चुनाव में हमें सबसे ज्यादा वोट मिले हैं।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि चुनाव परिणाम का ऐलान IEC (स्वतंत्र चुनाव आयोग) करेगा, लेकिन हमें सबसे ज्यादा मत मिले हैं। इसलिए दूसरे दौर का चुनाव नहीं होगा। अब्दुल्ला ने दावा किया कि चुनाव परिणाम आते ही उनकी पार्टी नई सरकार बनाएगी।
IEC ने अब्दुल्ला के बयान की आलोचना की
इस बीच IEC के एक वरिष्ठ अधिकारी हबीब रहमान नांग ने अब्दुल्ला की ओर से किए गए घोषणा की आलोचना करते हुए कहा कि यह जल्दबाजी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रत्याशी को स्वयं विजेता घोषित करने का अधिकार नहीं है।
नांग ने आगे कहा कि कानून के अनुसार, जो भी इस चुनाव जीत हासिल करेगा इसकी घोषणा करने का अधिकार IEC के पास है। माना जा रहा है कि 19 अक्टूबर तक चुनाव के परिणाम आने की उम्मीद है।
आपको बता दें कि अफगानिस्तान में सरकार बनाने के लिए प्रत्याशी को 50 फीसदी से ज्यादा वोटों की जरूरत होती है। यदि ऐसा नहीं होता है तो सबसे अधिक वोट पाने वाले दो शीर्ष प्रत्याशियों को दूसरे दौर के चुनाव में जाना होता है। इस बार ऐसा हुआ तो दूसरे दौर का चुनाव नवंबर में होंगे।
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