सफीउल्लाह ने आगे कहा कि, 'तालिबान ने केवल एक अंगुली ही काटी है। लेकिन बात जब मेरे बच्चों और देश के भविष्य की हो तो मैं अपना पूरा हाथ काटकर भी डर के नहीं बैठूंगा।' उसने बताया कि 2014 में वो अपना वोट डालकर जा रहा था कि तभी रास्ते में तालिबानियों ने उसे पकड़ लिया। आतंकियों ने हाथ पर स्याही लगी देखकर उसका उत्पीड़न किया। सफीउल्लाह के मुताबिक, उन्होंने यह बोलते हुए अंगुली काट दी कि उसने चेतावनी के बावजूद चुनाव में वोट दिया। उसने कहा कि मैं फिर भी नहीं डरा और इस बार बाएं हाथ से चुनाव में वोट डाला है।