HIGHLIGHTS चीनी सेना ( Chinese Army ) ने तिब्बत ( Tibet ) में जोरदार युद्धाभ्यास करते हुए तोपों से बम बरसाए, वहीं रॉकेट फोर्स ने भी लाइव फायर ड्रिल ( Fire Drill ) किया। चीनी मीडिया ने ये बताया है कि चीनी सेना ने तिब्‍बत के पठार पर 15 हजार फुट की ऊंचाई पर अभ्यास किया है। हालांकि यह नहीं बताया गया कि किस जगह पर किया गया।
पेइचिंग। लद्दाख सीमा ( Ladakh Border ) पर कई महीनों से भारत और चीन ( India China Tension ) के बीच तनाव जारी है। वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) के कई जगहों पर चल रहे विवाद को सैन्य वार्ता के जरिए सुलझा लिया गया, लेकिन चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अब चीन ने लद्दाख के पैंगोंग झील और डेपसांग ( Pangong Lake and Depsang ) से पीछे हटने से इनकार करते हुए शक्तिप्रदर्शन कर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में जुट गया है।
भारतीय वायुसेना में अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस रफाल फाइटर जेट ( Rafale Fighter Jet ) का शामिल होने के साथ ही चीन में बौखलाहट और खलबली मची है। लिहाजा भारत पर एक मानसिक दबाव बनाने के लिए लगातार सीमावर्ती इलाकों में हथियार और फाइटर जेट्स की तैनाती को बढ़ा रहा है। इस बीच चीन ने तिब्बत में जोरदार युद्दाभ्यास किया है।
चीनी सेना ने युद्धाभ्यास के दौरान तोपों से बम बरसाए, वहीं रॉकेट फोर्स ने भी लाइव फायर ड्रिल ( Fire Drill ) किया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस तरह की हरकत कर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटा है और इसके लिए लद्दाख से सटे इलाकों में युद्धाभ्यास कर अपना शक्तिप्रदर्शन कर रहा है।
15 हजार फुट की ऊंचाई पर किया गया युद्धाभ्यास
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से सीधे तौर पर चीन और पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि सीमा पर कोई भी आंख दिखाएगा तो उसे सख्त जवाब दिया जाएगा। इसके बाद से बौखलाए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ( China's Foreign Minister Wang Yi ) ने सीमाई इलाके का दौरा किया था।
अब चीनी मीडिया ने ये बताया है कि चीनी सेना ने तिब्बत के पठार पर 15 हजार फुट की ऊंचाई पर अभ्यास किया है। हालांकि यह नहीं बताया गया कि किस जगह पर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अभ्यास के दौरान कई नए युद्धक हथियारों का भी परीक्षण किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी सेना ने सुबह 4 बजे एकजुट होकर कई यूनिटों के साथ हमले का अभ्यास किया। इस दौरान ड्रोन विमानों को सतह से हवा में मार करने में सक्षम मिसाइलों से मार गिराया गया। चीनी सेना ने दुश्मन के कमांड पोस्ट, मिसाइल लॉंचर और संचार हब पर बम बरसाए गए। इस युद्धाभ्यास में चीनी सेना ने भारी गोलाबारी भी की।
आपको बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भी चीन ने युद्धाभ्यास किया था। चीनी सेना ने कम कैलिबर की Howitzer के साथ 4,600 मीटर की ऊंचाई पर अभ्यास किया था।