द सिक्रेट इमोशनल लाइफ ऑफ चाऊ एनलाई नाम की एक किताब में दावा किया गया है कि चीनी प्रधानमंत्री के समलैंगिक थे।
नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत मंगलवार को समलैंगिकता के केस में सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट धारा 377 को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने पर बड़ा फैसला सुनाएगा। दरअसल, भारत में समलैंगिकता एक ऐसा मुद्दा है जिस पर कुछ लोग जहां बोलने से कतराते हैं, वहीं कुछ बड़ी शख्सियतों ने समलैंगिक होने की बात भी स्वीकारी है। ऐसे में समलैंगिता से जुड़ी एक जानकारी अपने पड़ोसी मुल्क चीन से मिली है। आपको बता दें कि एक किताब में दावा किया गया है कि चीन के प्रथम प्रधानमंत्री चाऊ एन लाई गे यानी (समलैंगिक) थे।
दरअसल, यह दावा द सिक्रेट इमोशनल लाइफ ऑफ चाऊ एनलाई में किया गया हैं किताब की राइटर सोई विंग मुई ने किताब में चीनी प्रधानमंत्री के समलैंगिक होने की बात कही है। 2015 में इस किताब के सामने आने के बाद चीन में घमासान मच गया। किताब में जिक्र है हालांकि चाऊ विवाहित थे और उनका वैवाहिक जीवन भी काफी अच्छा था, लेकिन स्कूल में उन्होंने अपने से दो साल जूनियर लड़के से संबंध बनाए थे। केवल चाऊ एन ही नहीं, इस किताब में चीन के अन्य कई बड़ी शख्सियतों के बारे में बड़े खुलासे किए गए हैं।
आपको बता दें कि किताब की राइटर सोई विंग मुई समलैंगिकता से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाती रही हैं। मुई ने लिखा है कि यह जानकारी चीनी प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी डेंग यिंगचाओ के बीच लिखे पत्रों से हासिल हुई है। यहां तक कि उनका एक खत उनकी पत्नी के हाथ भी लग गया था, जिसमें उन्होंने स्कूल के एक साथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव की बात लिखी थी। इस पत्र के बाद उनका वैवाहिक जीवन भी मुश्किल में आ गया था।