
बीजिंग। भारत में जहां प्रदूषण को लेकर सरकार का उदासीन रवैया देखने को मिलता है। वहीं चीन इस मामले में भारत से उलट है। चीन ने बीते 10 महीने में प्रदूषण संबंधित अपराधों में 3500 लोगों को सजा दी है। यह संख्या बीते साल के मुकाबले 40 प्रतिशत ज्यादा है। चीन सरकार की इस कार्रवाई को सराहनीय कदम बताया जा रहा है। प्रदूषण को लेकर चीन ने जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाया है। चीनी सरकार का प्रशासन को निर्देश है कि वे प्रदूषण संबंधी किसी भी अपराध पर कोई नरमी न बरतें। सरकार ने कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि पर्यावरण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाए।
1.53 बिलियन डॉलर का जुर्माना भी वसूला
चीनी अधिकारियों ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पर्यावरण संबंधी अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि बीते 10 महीनों में प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने के लिए 8500 लोगों को सजा दी गई है। हालांकि बीते 10 महीनों में जितने मामले दर्ज किए गए हैं,उसके मुकाबले सजा पाने वाले लोगों की संख्या काफी कम है। सजा पाने वाले लोगों से 1.53 बिलियन डॉलर का जुर्माना भी वसूला गया है। चीन के पर्यावरण मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
बेहद कठोर कदम
बीजिंग ने कोर्ट और पुलिस से पर्यावरण संबंधित मामलों को लेकर कोई भी नरमी न बरतने के निर्देश दिए हैं। बीते साल एक भाषण में राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने भी कहा था कि प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार बेहद कठोर कदम उठाने जा रही है।