कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर एक नई स्टडी में हुआ इस बात का खुलासा दिसंबर मध्य से चीन में शुरू होकर अब हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड और जापान में फैल रहा है इसका संक्रमण
बीजिंग। चीन में कोरोनावायरस (2019-nCOV) से फैले घातक संक्रामक सांस की बीमारी को लेकर एक बेहद चौंकानेवाली जानकारी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि इस प्रकोप के लिए मूल रूप से सांप स्रोत हो सकते हैं। एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है। शोध में चीन में वायरल न्यूमोनिया के प्रकोप को लेकर संभावित मूल स्रोत को लेकर जानकारी दी गई है। बता दें कि चीन में यह दिसंबर मध्य से शुरू हुआ और अब हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड और जापान में फैल रहा है।
सांप 2019-nSOV संक्रमण के लिए सबसे संभावित वन्यजीव
चीन में वुहान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा, 'हमारे विकासवादी विश्लेषण से प्राप्त परिणाम पहली बार बताते हैं कि सांप 2019-nSOV संक्रमण के लिए सबसे संभावित वन्यजीव है।' शोधकर्ताओं ने कहा, 'हमारे विकासवादी विश्लेषण से प्राप्त नई जानकारी 2019-nCOV के प्रकोप पर प्रभावी नियंत्रण में खासा महत्वपूर्ण है, जिससे न्यूमोनिया होती है।'
शोध में कहा गया है कि मरीज जो वायरस से संक्रमित हुए वे एक थोकबिक्री बाजार में वन्यजीवों के संपर्क में थे, जहां सीफूड, पोल्ट्री, सांप, चमगादड़ और फार्म के जानवर बेचे जाते थे। यहीं ये मरीज कोरोनावायरस के संपर्क में आए। इस वायरस को WHO ने '2019-nCOV' नाम दिया है।
2019-nCOV एक वायरस की तरह दिखता है
वायरस का एक विस्तृत आनुवांशिक विश्लेषण करके और विभिन्न भौगोलिक स्थानों और मेजबान प्रजातियों से अलग-अलग वायरस पर उपलब्ध आनुवंशिक जानकारी के साथ इसकी तुलना करके जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि 2019-nCOV एक वायरस की तरह दिखता है जो चमगादड़ और अन्य कोरोनावायरस की अज्ञात स्रोत के संयोजन से बनता है।
जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट
आखिरकार शोध दल ने साक्ष्य का खुलासा किया कि 2019-nCOV मानव में संक्रमण करने से पहले सांपों में रहता है। वायरल रिसेप्टर-बाइंडिंग प्रोटीन के भीतर पुर्नसयोजन इसे सांप से मानव में संक्रमण की अनुमति देता है। शोध के निष्कर्षो को जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी में प्रकाशित किया गया है।