31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश अस्तित्व में आ गया है भारत ने 5 अगस्त को बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर दिया था
बीजिंग। कश्मीर मामले पर पाकिस्तान की बौखलाहट खत्म नहीं हो रही है, लेकिन अब पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन ने भी कश्मीर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है।
दरअसल, सरदार पटेल की जयंती (31 अक्टूबर) के अवसर पर गुरुवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आ गया। जिसे लेकर चीन ने एतराज जताया है।
चीन ने भारत के आंतरिक मामले में दखल देने की कोशिश की है। चीन ने जम्मू-कश्मीर को विभाजित कर दो केंद्रशासित प्रदेशों में बदलने के मोदी सरकार के फैसले का खुला विरोध किया है। हालांकि इससे पहले तक चीन खुल कर बोलने से बचता रहा था।
भारत का फैसला गैरकानूनी
बता दें कि चीन ने भारत के फैसले को गैरकानूनी करार दिया है। चीन का कहना है कि भारत का फैसला अमान्य है। चीन ने कहा कि भारत के फैसले से चीन की संप्रभुता को चुनौती मिली है, क्योंकि भारत ने उसके कुछे हिस्से को अपने प्रशासन में शामिल किया है।
इससे पहले चीन कश्मीर मामले पर खुल कर बोलने से परहेज करता रहा है और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को भारत का आंतरिक मामला भी बताया था। लेकिन अब चीन के सुर बदल गए हैं।
बीते दिनों जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत दौरे पर तमिलनाडु पहुंचे थे, तो उनका पीएम मोदी ने भव्य स्वागत किया था। पीएम मोदी ने शी को महाबलिपुरम का दर्शन कराया था और चीन व भारत के बीच एतिहासिक संबंधों की याद दिलाई थी।
लेकिन अब एक बार फिर से चीन ने भारत के खिलाफ बोलकर यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर अपने विस्तारवादी एजेंडे को पीछे नहीं छोड़ सकता है।
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