HIGHLIGHTS हांगकांग की नेता कैरी लाम ( Hong Kong leader Carrie Lam ) ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार बहुप्रतीक्षित विधान परिषद चुनावों ( Legislative Council Elections ) को एक साल के लिए स्थगित कर रही है। चीन की नीतियों और नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( National security law ) का लगातार विरोध कर रहे लोकतंत्र समर्थकों ( Democracy Supporters ) के लिए चुनाव का स्थगित किया जाना एक बड़ा झटका है।
हांगकांग। चीन ( China ) ने एक बार फिर से हांगकांग ( Hong Kong ) पर नया पैंतरा चल दिया है। हांगकांग में विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( New National Security Law ) लागू होने के बाद से दुनियाभर में चीन की आलोचना हो रही है। लेकिन अब चीन ने एक बार फिर से नई चाल चलते हुए इस साल होने वाले विधान परिषद चुनावों ( Legislative Council Elections ) को टाल दिया है। बताया जा रहा है कि अब ये चुनाव अगले साल होंगे।
चीन के इशारों पर काम करने वाली हांगकांग की नेता कैरी लाम ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार बहुप्रतीक्षित विधान परिषद चुनावों को एक साल के लिए स्थगित कर रही है। उन्होंने चुनाव स्थगित किए जाने का मूल कारण कोरोना वायरस संक्रमण ( Coronavirus Infection ) को बताया है।
सरकार ने कहा कि चुनाव स्थगित करने कि लिए एक आपातकालीन अध्यादेश ( Emergency Ordinance ) लागू किया जा रहा है। कैरी ने कहा कि हांगकांग सरकार के इस फैसले का चीन का पूरी तरह से समर्थन है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे आज जो घोषणा करनी पड़ी है, वह मेरे लिए पिछले सात महीने में सबसे मुश्किल फैसला रहा है, क्योंकि लोगों का स्वास्थ्य ( Health ), उनकी सुरक्षा और चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना हमारी पहली जिम्मेदारी और आवश्कता है।
लोकतंत्र समर्थकों के लिए झटका
चीन की नीतियों और नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( National Security Law ) का लगातार विरोध कर रहे लोकतंत्र समर्थकों के लिए चुनाव का स्थगित किया जाना एक बड़ा झटका है। विपक्ष को उम्मीद थी कि चीन के प्रति लोगों का गुस्सा बढ़ेगा और इसका सीधा लाभ चुनाव में उन्हें मिलेगा। लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
हालांकि इस घोषणा से पहले लोकतंत्र समर्थक विपक्ष के 22 नेताओं ने एक बयान जारी करते हुए ये आरोप लगाया था कि कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) का बहाना बनाकर चुनाव को स्थगित किए जाने की साजिश की जा रही है। बता दें कि शुक्रवार तक हांगकांग में कोरोना वायरसे के 3,273 मामले सामने आ चुके हैं।
मालूम हो कि इसी महीने के शुरुआत में लोकतंत्र समर्थकों ने दो दिन का एक अनाधिकृत प्राइमरी चुनाव कराया था। भीषण गर्मी और सरकार की ओर से चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी इस चुनाव में 6 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था। ऐसे में इससे उत्साहित लोकतंत्र समर्थकों ( Pro Democratic Leader ) को उम्मीद थी कि आगामी चुनाव में सरकार को बड़ा झटका लग सकता है। लोकतंत्र समर्थक अपने उम्मीदवारों का ऐलान करने वाले थे। लेकिन अब जब सरकार ने चुनाव स्थगित करने का ऐलान कर दिया है तो एक बार फिर से मामला गरमा सकता है और विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।