Highlights चीन के सैनिकों ने ताइवान की सीमा के पास दर्जनों म‍िसाइलें दागी हैं। हवा से हवा में मार करने वाली ये म‍िसाइलें अज्ञात लक्ष्‍यों पर छोड़ा गया।
बीजिंग। अमरीका और ताइवान के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर चीन बौखला गया है। हाल ही में उसने अपने घातक हथियारों का प्रदर्शन किया है। चीन ने ताइपे की सीमा के पास दक्षिण चीन सागर में मिसाइलों की मारक क्षमता प्रदर्शन किया। चीन के सरकारी टीवी चैनल के अनुसार चीनी सेना ने दक्षिण चीन सागर में इस सप्ताह लाइव फायर ड्रिल किया है। इस दो दिनों तक चले युद्धाभ्यास में चीन के करीब 100 सैनिकों ने भाग लिया है। ऐसी कई किलर मिसाइलों का प्रदर्शन किया जो हवा में ही किसी विमान को गिराने की क्षमता रखता है।
चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी का कहना है कि पीएलए के दक्षिणी थिएटर कमांड के नेवल फोर्स ने मंगलवार और बुधवार को यह अभ्यास हेनान प्रांत के पास किया है। इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने मरीन सैनिकों को आगाह कर चुके हैं कि वे युद्ध की तैयारियों पर ध्यान दें और सतर्क रहें। इस अभ्यास में करीब 100 फाइटर जेट पाइलट ने भाग लिया है। अभ्यास के दौरान दर्जनों मिसाइलों को लॉन्च किया गया।
चीन ने DF-17 मिसाइल को किया तैनात
मीडिया रिपोर्ट में दिखाया गया कि सैनिकों के अज्ञात विमानों पर मिसाइलों ने किस तरह से प्रहार किया। इसका वीडियो भी जारी किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि इस अभ्यास का मकसद सैनिकों को इन हथियारों से रूबरू करना है। इससे पहले ताइवान से लगी सीमा पर चीन ने DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात किया था। चीन ने इस इलाके में तेजी से अपने सैनिकों की तादात को भी बढ़ाया। कई सैन्य पर्यवेक्षकों ने चिंता व्यक्त की है कि इस क्षेत्र में ताकतवर हथियारों की तैनाती कर चीन ने ताइवान को सीधे तौर पर धमकी देने की कोशिश की है।
चीन ने पहले भी इस क्षेत्र में DF-11 और DF-15 मिसाइलों को तैनात किया हुआ है। ऐसा कहा जा रहा है कि अब इन पुरानी पड़ चुकी मिसाइलों की जगह अपने हाइपरसोनिक मिसाइल DF-17 को भी यहां पर लाया जाएगा। यह मिसाइलें लंबी दूरी पर सही निशाना लगाने में सक्षम बताई गई हैं। ऐसे में अगर चीन हमला करता है तो ताइवान को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।