Highlights डॉक्टर यी फैन की त्वचा अब पहले की तरह सामान्य होने लगी है। काफी दिनों तक इस महामारी से उबरने के लिए जूझते रहे।
बीजिंग। चीन (China) के वुहान शहर में सबसे पहले कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले सामने आए थे। इस दौरान कई स्वास्थ्यकर्मी भी इसकी चपेट में आ गए थे। इनमें से एक नाम है डॉक्टर यी फैन का जो मरीज के इलाज के दौरान संक्रमित हो गए। फैन को संक्रमण ने इस कदर चपेट में लिया कि उनकी त्वचा का रंग ही बदलने लगा। उनकी त्वचा काली पड़ने लगी। विशेषज्ञों ने इसे कोरोना वायरस का असर बताया।
त्वचा का रंग भी बदलने लगा
खुशी की बात यह है कि डॉक्टर यी फैन की त्वचा अब पहले की तरह सामान्य होने लगी है। वे इसे लेकर काफी खुश नजर आ रहे हैं। यी फैन हृदयरोग विशेषज्ञ हैं। वह काफी दिनों तक इस महामारी से उबरने के लिए जूझते रहे। इस दौरान उनका वजन भी गिरा, इसके साथ त्वचा का रंग भी बदलने लगा।
कोरोना बेहद खतरनाक बीमारी
एक प्रवक्ता के अनुसार उनकी त्वचा काली इसलिए पड़ गई थी क्योंकि उन्होंने इलाज के दौरान एक एंटीबायोटिक दवा ले ली थी। इसके कारण उनकी त्वचा का रंग गिरने लगा। डॉ. यी फैन ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वो अपनी कोरोना वायरस से लड़ने के बारे में बता रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोरोना बेहद खतरनाक बीमारी है, जब उन्हें कोरोना संक्रमण के बारे में पता चला तो वे काफी भयभीत हो गए थे।
39 दिनों तक चला इलाज
गौरतलब है कि चीनी डॉ. यी फैन महामारी के शुरुआती दिनों में यानि 18 जनवरी को संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। फैन हृदयरोग विशेषज्ञ हैं, उनका इलाज 39 दिनों तक चला। एक बार तो ऐसा लगा कि फैन का बीमारी से निकलना मुमकिन नहीं है। इस दौरान कई बार उनकी हालत बिगड़ी। मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इस बीच उन्हें कई दिनों तक आईसीयू में भी रखा गया।