
इस्लामाबाद। सितंबर के शुरू होते ही बारिश के कारण डेंगू का खतरा चरम पर पहुंच जाता है। पाकिस्तान का रावलपिंडी भी इसी दहशत से जूझ रहा है। पड़ोसी देश के इस शहर में अब तक करीब 1500 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। प्रशासन ने बिमारी से फैले हाहाकार से निपटने के लिए अभियान तेज कर दिया है।
इस साल सामने आए डेंगू के 1,462 मामले
जानकारी के मुताबिक, इस साल शहर में 1,462 से अधिक नागरिकों में डेंगू बुखार की पॉजिटीव टेस्टिंग की जा चुकी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) जीशान ने रविवार को इस बारे में मीडिया को जानकारी दी। DHO ने बताया कि इस वक्त करीब 485 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। इनमें से 334 का डेंगू में टेस्ट रिजल्ट पॉजिटीव आया है।
एंटी-डेंगू स्प्रे और फॉगिंग की ली जा रही मदद
DHO के मुताबिक यह बीमारी सितंबर के महीने में और ज्यादा तेजी से फैल रही है। बताया जा रहा है कि सभी विभागों को हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। जिन इलाकों से डेंगू के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां फॉगिंग (मशीन से धुआं छोड़ना) और निगरानी का विस्तार किया गया है। इन इलाकों में खासकर एंटी-डेंगू स्प्रे भी किया जा रहा है।
डेंगू पीड़ितों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए रावलपिंडी कचरा प्रबंधन कंपनी के अधिकारियों को ADC ने खास निर्देश दिए हैं। उन्हें कचरे की सफाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।