
नई दिल्ली। चीन और भारत के बीच लद्दाख ( Tension In Galwan Valley ) स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा ( Line of Actual Control ) पर हुई हिंसक झड़प के बाद हुई तनातनी ( india-china dispute ) के दो दिन बाद पड़ोसी देश ने बड़ी बात स्वीकार की है। चीन ने इस हिंसक झड़प में अपने 30 सैनिकों ( Chinese Army ) के मारे जाने की पुष्टि की है। चीन के मीडिया ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने दोनों देशों की सेना के बीच हुई हिंसक झड़प ( INDIA CHINA STANDOFF ) में मारे गए 30 सैनिकों ( chinese soldiers ) के नामों की सूची जारी की है। वहीं, भारत ने इस झड़प ( india-china border issue ) में एक कमांडिंग ऑफिसर सहित शहीद 20 जवानों के नाम की सूची पहले ही जारी कर दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक 15 जून की रात को लद्दाख की गालवान घाटी में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच गंभीर रूप से हिंसक झड़प ( Indian army vs chinese army ) हो गई थी। इस संबंध में भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि उसके 20 सैनिक शहीद हुए थे। हालांकि चीन की तरफ से आधिकारिक रूप से कोई आंकड़ा सामने नहीं आया था। हांलाकि अब भारत के साथ चीन की सीमा की सुरक्षा की देखरेख करने वाले पश्चिमी थिएटर कमान के एक प्रवक्ता ने भारतीय कार्रवाई में मारे गए 30 चीनी सैनिकों के नाम जारी किए हैं।
इन 30 नामों की सूची में पहला नाम मेजर लिन जियाहो (शाओ ज़िआओ) का है। इसके बाद दूसरा नाम कैप्टन मेंग जियांग (शांग वी) का है। फिर कैप्टन कुई कांग (शांग वी) का नामहै। बता दें कि शाओ ज़िआओ का सेना में मतलब जूनियर फील्ड ऑफिसर यानी मेजर का होता है। जबकि शांग वी का मतलब सेना के वरिष्ठ अधिकारी यानी कप्तान का होता है।
इसके बाद मारे गए सैनिकों में झोंग वी का मतलब मिडिल ऑफिसर यानी फर्स्ट लेफ्टिनेंट से होता है। इस झड़प में चीन के हुआंग मू, पेंग गुईइंग, सोंग ज़ान, लियांग यैन नाम के फर्स्ट लेफ्टिनेंट यानी झोंग वी भी मारे गए। जबकि इसके बाद सीनियर सार्जेंट ऑफिसर (यी जी जुन शी झांग) या फिर सार्जेंट मेजर झाओ ज़िया का नाम मारे जाने वालों की सूची में है।
जबकि अन्य मारे गए सैनिकों में झेंग वू, ताओ यी, कोंग ही, झी योंग, गु कांग, टैन फेंग, ज़ू चिन, रेन अह, लू यिन, तियान ज़ेक्सी, दू मिन, झोंग गुईंग, ही हुआंग, गाओ यांग, ये चेन, झू याहुई, जियान जिंगी, शि लुओयांग, वान याज़ु, झांग ली, यी सुन और मो ज़ूफ़ेंग का नाम जारी किया गया है।
वहीं, अगर भारत की ओर से शहीद जवानों की बात करें तो यह समूचे देश से आए थे। इनमें पश्चिम में पंजाब से लेकर पूर्व में पश्चिम बंगाल और बिहार तक के सैनिक शहीद हुए हैं। शहीद कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू तेलंगाना से थे और उनके पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ उनके गृहनगर में भेज दिया गया है।
शहीद हुए 20 भारतीय जवानों में एक कर्नल, तीन नायब सूबेदार, तीन हवलदार, एक नायक और 12 सिपाही शामिल हैं। शहीदों के नाम कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू ( हैदराबाद ) है। कर्नल उस कंपनी के कमांडिंग ऑफिसर थे, जिस पर धोखे से क्रूर हमला किया गया। इसके अलावा तीन नायब सूबेदार में ओडिशा के मयूरभंज जिले से नादुराम सोरेन, पंजाब के पटियाला से मंदीप सिंह और पंजाब के गुरदासपुर से सतनाम सिंह शामिल हैं।
हिंसक झड़प में शहीद तीन हवलदारों में तमिलनाडु के मदुरई से के पलानी, बिहार के पटना से सुनील कुमार और उत्तर प्रदेश के मेरठ से बिपुल रॉय का नाम है। एक नायक मध्य प्रदेश के रीवा से शहीद दीपक कुमार हैं।
शहीद होने वाले 12 सिपाहियों में पश्चिम बंगाल के बीरभूम से राजेश ओरंग, झारखंड के साहिबगंज से कुंदन कुमार ओझा, छत्तीसगढ़ के कांकेर के गणेश, ओडिशा के कंधमाल से चंद्रकांत प्रधान, हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर से अंकुश, पंजाब के संगरूर से गुरबिंदर, पंजाब के मनसा से गुरतेज हैं।
वहीं, शहीद सैनिकों में बिहार के भोजपुर से चंदन कुमार, सहरसा से कुंदन कुमार, समस्तीपुर से अमन कुमार, वैशाली से जय किशोर और झारखंड के पूर्वी सिंहभूम से गणेश हांसदा शामिल हैं।