सियोल सेंट्रल जिला न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून हे की सजा में बढ़ोतरी करते हुए कहा कि जिसका अर्थ है कि 66 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को अब जेल में कुल 32 साल रहना होगा।
सियोल। दक्षिण कोरिया की पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून हे को भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को सियोल की एक अपीलीय अदालत से 30 साल की सजा देने की मांग की गई। छह अप्रैल को दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में 24 साल की सजा सुनाई थी। पार्क ग्यून हे को भ्रष्टाचार के मामले में महाभियोग लगाकर राष्ट्रपति पद से हटाया गया था। पार्क पर देश की सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक करने का भी आरोप है।
पार्क ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को गलत बताया है। उन पर पद का दुरुपयोग करने, आधिकारिक गोपनीय दस्तावेज लीक करने, रिश्वत लेने सहित भ्रष्टाचार के 18 मामलों में आरोप लगाए गए हैं।
हथकड़ी में पूर्व राष्ट्रपति
पार्क इस साल मार्च में गिरफ्तार होने के बाद से पहली बार सार्वजनिक तौर पर नजर आईं । सियोल जिला अदालत में उन्हें हथकड़ी पहने देखा गया। अभियोजकों ने पार्क पर 10.4 करोड़ डॉलर का जुर्माना भी लगाने की मांग की। इससे पहले अदालत ने उन पर 1.60 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था। पार्क पर आरोप था कि उन्होंने लंबे समय तक उनके विश्वस्त रहे चोई सून सिल की मिलीभगत से सैमसंग समेत बड़े व्यापारिक समूहों पर चोई के नियंत्रण वाली एक संस्था को 6.82 करोड़ डॉलर दान देने का दबाव बनाया था। सियोल सेंट्रल जिला न्यायालय में शामिल होने से इनकार करने के बाद उनकी अनुपस्थिति में जारी आदेश में राष्ट्रीय खुफिया सेवा से इस मामले में जुर्माना तय करने का आदेश दिया गया था।
मिल चुकी है पहले सजा
सियोल सेंट्रल जिला न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून हे की सजा में बढ़ोतरी करते हुए कहा कि इसका अर्थ है कि 66 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को अब जेल में कुल 32 साल रहना होगा। पार्क अक्टूबर 2017 से अदालत में पेश नहीं हुई थीं और उन्होंने मुकदमे की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। इस मामले में आगे फैसला 24 अगस्त को आ सकता है। पार्क ग्यून हे, दक्षिण कोरिया की पहली महिला राष्ट्रपति थीं।