पश्चिमी जापान में भारी बारिश की वजह से बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 155 लोग मारे गए हैं। जापान में पिछले तीन दशकों में वर्षा के कारण यह सबसे ज्यादा मौतें हैं।
टोक्यो। जापान के यामागाता प्रांत में मूसलाधार बारिश की वजह से सोमवार को हजारों लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी की खबरों के मुताबिक भारी बारिश की वजह से भूस्खलन और बाढ़ के चलते कुछ घर डूब गए हैं। जन जीवन को भारी नुकसान पहुंचा है। यामागाता में मोगी नदी के खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद लोगों को आसपास की जगह से हटाने के आदेश दिए गए। घरों से हटाए गए लोगों ने सार्वजनिक इमारतों व स्कूलों में शरण ली है।
बाढ़ नियंत्रण में जुटे एक अधिकारी ने बताया, "हम प्रत्येक घर को देख रहे हैं कि क्या लोग अभी भी उनके अंदर फंस गए हैं या नहीं। हम जानते हैं कि यह समय के खिलाफ दौड़ है, लेकिन हम जितना कर सकते हैं उतना कठिन प्रयास कर रहे हैं।"
जापान में भारी तबाही
भारी बारिश के बीच तोहोकू इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी ने कहा कि करीब 5,000 घरों में रविवार से बिजली नहीं है और शिन्कानसेन बुलेट ट्रेन सेवाओं सहित परिवहन सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं। उधर जापान सरकार ने कहा कि पश्चिमी जापान में भारी बारिश की वजह से बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 155 लोग मारे गए हैं। जापान में पिछले तीन दशकों में वर्षा के कारण यह सबसे ज्यादा मौतें हैं। बचावकर्ता खराब मौसम के बीच अब भी बचे हुए लोगों को खोजने के लिए मिट्टी और मलबे के की खुदाई कर रहे हैं। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के बीच सैकड़ों लोग अब भी गायब हैं।
जनजीवन अस्तव्यस्त
जापान में नदियों के अपने किनारों से बाहर आने पर इस क्षेत्र से करीब 2 मिलियन लोगों को निकाला गया है। अधिकारियों ने वर्षा से विस्थापित हुए लोगों को स्कूल हॉल और जिमनासियम में ठहराया है। उधर जापान के प्रधान मंत्री शिन्जो आबे ने बाढ़ संकट से निपटने के लिए अपनी समस्त विदेश यात्रायें रद्द कर दी है। सरकार ने राहत और बचाव के लिए अग्नि सेवा और सेना समेत 70,000 से कर्मियों को लगाया है।