एशिया

इमरान खान ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, शांति वार्ता फिर से शुरू करने की अपील

इमरान खान ने यह पत्र पीएम मोदी के उस संदेश के जबाव में लिखा है जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इमरान खान का पीएम बनना देशों के बीच रचनात्मक और बेहतर संबंधों को बढ़ावा देगा।

2 min read
इमरान खान ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, शांति वार्ता फिर से शुरू करने की अपील

लाहौर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत और पाकिस्तान के बीच महीनों से रुकी पड़ी शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की अपील की है। पीएम मोदी को लिखे एक पत्र में इमरान खान ने कहा है दोनों देश शांति प्रक्रिया को दोबारा शुरू करें। उन्होंने पत्र में आग्रह किया है कि दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की बातचीत जल्द से जल्द शुरू हो। माना जा रहा है कि इमरान खान ने यह पत्र पीएम मोदी के उस संदेश के जबाव में लिखा है जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इमरान खान का पीएम बनना देशों के बीच रचनात्मक और बेहतर संबंधों को बढ़ावा देगा।

शुरू हो शांति वार्ता

ये भी पढ़ें

दिल्लीः 25 हजार करोड़ में बनेगा विश्वस्तरीय एक्सपो सेंटर, आज पीएम करेंगे शिलान्यास

पाकिस्तान के पीएम ने संक्युत राष्ट्र महाधिवेशन से इतर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात की अपील की है। कुछ हफ्तों से इस बात की अटकलें तेज हो रही थीं कि क्या संयुक्त राष्ट्र जनरल असेम्बली में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी के बीच मीटिंग होगी या नहीं। ऐसे में इमरान खान का भारतीय पीएम को पत्र लिखना भारत और पाकिस्तान के बीच दोबारा बातचीत शुरू होने का औपचारिक प्रस्ताव भी माना जा सकता है। पाकिस्तानी पीएम ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में मोदी सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई शांति प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की अपील की है।

लम्बे समय से रुकी है शांति वार्ता

बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता लम्बे समय से रुकी हुई है। दिसंबर 2015 में भारतीय विदेश मंत्री हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस के लिए इस्लामाबाद गई थीं। माना जा रहा है कि उसी समय पाकिस्तान के साथ आखिरी ठोस संवाद हुआ था। उस समय दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि विदेश सचिव स्तर पर कई मामलों पर व्यापक चर्चा होगी और जल्द ही वार्ता का विस्तृत एजेंडा भी तय होना था। लेकिन दिसम्बर महीने में पठानकोट एयरबेस पर किये गए हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत करने से इंकार कर दिया।

क्या हैं भारत की आपत्तियां

पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद मोदी सरकार ने साफ़ कहा था कि आतंक और शांति वार्ता एक साथ नहीं चल सकती। भारत ने पाकिस्तान से दो टूक कहा था कि पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों पर ठोस कार्रवाई करके पहले बातचीत का अनुकूल माहौल तैयार करे, तभी बातचीत सम्भव है। इमरान खान के पीएम बनने के बाद उनसे फोन पर हुई बातचीत में भारतीय प्रधानमंत्री ने भारतीय उपमहाद्वीप को हिंसा और आतंक से मुक्त करके विकास केंद्रित क्षेत्र बनाने का आह्वान किया था। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच दक्षिण एशिया में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को लेकर बातचीत हुई थी।

ये भी पढ़ें

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने की पीएम मोदी से मुलाकात, कई अहम मुद्दे पर हुई चर्चा
Updated on:
20 Sept 2018 08:23 am
Published on:
20 Sept 2018 07:48 am
Also Read
View All