पीएम पहली बार रावलपिंडी में सेना मुख्यालय पहुंचे और सुरक्षा मुद्दों पर जानकारी ली। बता दें, पाकिस्तान मी राजनीति में सेना की शुरू से ही अहम भूमिका रही है।
पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान पहल बार रावलपिंडी सथित सेना मुख्यालय गए और जनरल कमर जावेद बाजवा से औपचारिक मुलाकात की। यहां पर उन्हें सुरक्षा संबंधी मुद्दों से अवगत कराया गया। बता दें, पाकिस्तान में हाल ही में हुए आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी पीटीआई (तहरीक-ए-इंसाफ) ने बड़ी जीत हासिल की थी। मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा था कि सेना ने उनकी पार्टी को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। यहां तक कहा गया था कि सेना ने पार्टी को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। पाकिस्तान की राजनीति में सेना का शुरू से ही अहम रोल रहा है।
पीएम के सेना मुख्यालय के दौरे के दौरान उनके साथ रक्षा मंत्री परवेज खट्टक, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, वित्त मंत्री असद कुमार भी थे। सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की ओर से जारी बयान में बताया गया है क सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने मुख्यालय में खान का स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री को रक्षा, आंतरिक सुरक्षा और अन्य पेशेवर मुद्दों पर जानकारी दी गई।
बता दें, इसी सोमवार को जनरल बाजवा और प्रधानमंत्री खान के बीच पहली औपचारिक मुलाकात हुई थी और दोनों ने देश में सुरक्षा की स्थिति के साथ-साथ क्षेत्र में स्थाई शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रयासों पर चर्चा की थी। बाजवा ने बैठक के दौरान खान को प्रधानमंत्री बनने की बधाई भी दी। गौर हो, 1947 में देश को आजादी मिलने के बाद से पाकिस्तान के इतिहास में लगभग आधे समय में पाकिस्तान पर सेना का ही राज रहा है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में खान और बाजवा की इससे पहले हुई मुलाकात का जिक्र भी किया गया है। तब इमरान खान देश के प्रधानमंत्री नहीं थे। रिपोर्ट के अनुसार- खान और बाजवा में 2017 में पहली बार मुलाकात हुई थी। तब खान ने बाजवा को उनकी पदोन्नति और सेना प्रमुख के तौर पर नियुक्ति के लिए बधाई दी थी।