
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में गुरुवार की सुबह भारी बारिश और आरोप प्रत्यारोप के दौर के बीच वोटों की गिनती लगभग पूरी हो चुकी है। लेकिन मतदान समाप्त होने के 15 घंटे बाद भी आधिकारिक चुनाव परिणामों की घोषणा नहीं की जा सकी है। पहले दावा किया जा रहा था कि चुनाव परिणाम बुधवार देर रात तक आ जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उलझे चुनावी गणित के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अन्य दलों पर स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली है।
इमरान समर्थकों में जश्न
पाकिस्तान चुनाव के परिणामों से पीटीआई वर्कर्स और समर्थकों में जश्न का माहौल है। अंतिम परिणाम आने से पहले इमरान खान ने जीत पर कोई बयान जारी करने से इंकार कर दिया। हालांकि, उनके प्रवक्ता नेयमुल हक ने ट्वीट किया कि पीटीआई प्रमुख 2018 के चुनावों में पाकिस्तान के लोगों से प्राप्त बड़े पैमाने पर समर्थन के लिए आवाम को शुक्रिया कहने के लिए इमरान दोपहर 2 बजे "देश को संबोधित करेंगे"।
नेशनल असेम्बली में हावी इमरान
106 मिलियन के मतदाताओं में मतदान का प्रतिशत 50 से 55 के बीच था। 47 प्रतिशत मतदान केंद्रों की रिपोर्टिंग के आधार पर कहा जा रहा है कि पीटीआई 122 नेशनल असेंबली सीटों पर आगे है, जबकि पीएमएल-एन 64 और पीपीपी42 सीटों पर आगे है।
सूबे के परिणाम भी इमरान के पक्ष में
पंजाब में प्रारंभिक परिणामों के अनुसार पीएमएल-एन 129 प्रांतीय सीटों पर आगे है। लेकिन पीटीआई यहां उसको कड़ी टक्कर दे रही है जो 122 सीटों पर लीड कर रही है। मुताहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) के खिलाफ 64 सीटों पर लीड के साथ खैबर पख्तुनख्वा में पीटीआई स्पष्ट रूप से आगे बढ़ रही है। सिंध में नतीजे पीपीपी के पक्ष में हैं।यहाँ पीपीपी को 75 सीटों पर लीड मिली है जबकि यहां इमरान की पीटीआई 22 सीटों पर आगे है।बलूचिस्तान में, बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) 12 प्रांतीय सीटों पर आगे है जबकि 9 सीटों पर बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) आगे चल रही है।
इमरान खान का नया पाकिस्तान
इमरान के विरोधियों के अनुसार उनकी पार्टी को सेना और खुफिया संस्था 'इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस' (आईएसआई) का समर्थन प्राप्त है, जिस वजह से कहा जा रहा है कि उन्हें अपने विरोधियों के खिलाफ बढ़त हासिल है। वहीं इमरान खान का दावा है कि वह देश की अब तक की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को मात देकर 'नया पाकिस्तान' बनाएंगे। अब पाकिस्तान की जनता ने इमरान को नया पाकिस्तान बनाने का आधार तो जरूर दे दिया है लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि इमरान कहां तक जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते हैं।