ओली का चीन दौरा 19 जून से शुरू हो रहा है और यह 24 जून को समाप्त होगा।
काठमांडू: नेपाल के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के आगामी चीनी दौरे से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती में मदद मिलेगी। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक ओली द्वारा रविवार को बुलाई गई बैठक में शेर बहादुर देउबा ने आगामी दौरे पर खुशी जताई। संसद में विपक्षी पार्टी के नेता देउबा ने कहा, "यह दौरा नेपाल के राष्ट्रीय हितों को पूरा करने के लिए फलदायी साबित होगा।"पुष्प कमल दहल ने चीन और दक्षिण एशिया के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। झलनाथ खनाल ने नेपाल और चीन के बीच मजबूत रेलरोड संपर्क स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया। माधव कुमार नेपाल ने ओली को इस दौरे का प्रयोग नेपाल और चीन के बीच बहुमुखी संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने के लिए की सलाह दी।
बीजिंग के समर्थक हैं ओली!
ओली के पहले कार्यकाल में 2015 में काठमांडू और नई दिल्ली के साथ नए संविधान बनाने को लेकर संबंध बिगड़ गए थे, जिसके चलते भारत के साथ इसकी सीमा की नाकेबंदी की स्थिति पैदा हो गई थी। ओली ने उस नाकेबंदी के लिए भारत को दोषी ठहराते हुए नेपाल की अंदरूनी राजनीति में दखल देने का आरोप लगाया था। उसी समय से ओली को बीजिंग का समर्थक माना जाता है, क्योंकि उन्होंने चीन के साथ अचानक कई परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए थे। नेपाल ने चीन के बेल्ट व रोड परियोजना का अनुमोदन कर बीजिंग से सबसे ज्यादा विदेशी मदद प्राप्त की।
19 से 24 जून तक ओली का चीन दौरा
वहीं बाबूराम भट्टराई ने अपने विचार रखते हुए कहा कि नेपाल को चीन की प्रस्तावित बेल्ट एवं रोड पहल के तहत रेलरोड संपर्क परियोजना के लिए बीजिंग से समर्थन मांगना चाहिए। ओली का चीन दौरा 19 जून से शुरू हो रहा है और यह 24 जून को समाप्त होगा। फरवरी में सत्तासीन होने के बाद ओली का यह पहला चीनी दौरा होगा।