नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ( Nepali PM KP Sharma Oli ) ने जन्मदिन पर 15 किलो का केक काटा पीएम ओली ने अपने जन्मस्थान पूर्वी नेपाल के तेहृथुम जिले ( Tehrathum District ) में 69वां जन्मदिन का जश्न मनाया
काठमांडू। नेपाल ( Nepal ) के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया ( Social Media ) पर लोग प्रधानमंत्री ओली की जमकर आलोचना कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने भी निशाना बनाया है।
दरअसल, पीएम केपी ओली ने अपने जन्मदिन ( PM KP Sharma Oli to celebrate his 69th birthday ) के मौके पर 15 किलोग्राम का एक केक काटा। इस केक में नेपाल का नक्शा बना हुआ था। अब जब सोशल मीडिया पर देश के नक्शे वाला केक काटने का वीडियो और तस्वीर सामने आई तो लोग भड़क गए।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने प्रधानमंत्री के इस कदम को गलत बताया और आलोचना की। इतना ही लोगों ने प्रधानमंत्री ओली से माफी की मांग की है।
पीएम ओली ने मनाया 69वां जन्मदिन
आपको बता दें कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने रविवार को 15 किलो का केक काटकर अपना 69वां जन्मदिन मनाया। उन्होंने अपने जन्मस्थान पूर्वी नेपाल के तेहृथुम जिले ( Tehrathum District ) में जन्मदिन का जश्न मनाया।
इस विशेष मौके पर केपी ओली के साथ उनकी पत्नी राधिका शाक्य, ओली के करीबी सहयोगी, स्कूली छात्र और बड़ी संख्या में लोग शरीक हुए।
जन्मदिन के लिए जो केक खासतौर पर बनाया गया था उसे हेलिकॉप्टर के जरिए राजधानी काठमांडू से उनके घर तक पहुंचाया गया। इस केक में नेपाल का नक्शा बना था।
पीएम के खिलाफ हो सकती है कानूनी कार्रवाई
नेपाली मीडिया अन्नापूर्णा पोस्ट डेली की खबर के मुताबिक, पीएम ओली की ओर से आयोजित प्रोग्राम में जश्न की तस्वीरें ऑनलाइन आई। इसमें ओली केक काटते और इसे बच्चों में बांटते दिखाई दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों को देखने के बाद नेपाली लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और प्रधानमंत्री के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। एक व्यक्ति ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे एक अपराध बताया।
दूसरी तरफ एक अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने इस मामले को लेकर कहा कि जश्न में केक काटना एक आम बात है, लेकिन केक के रूप में नेपाल के नक्शे को काटना अनुचित है। प्रधानमंत्री की ओर से किए गए इस अनुचित कार्य से ये आभास होता है कि यह देश को टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा है।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि संभवतः इस मामले में प्रधानमंत्री ओली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। दिनेश त्रिपाठी और तमाम लोगों ने प्रधानमंंत्री ओली से माफी मांफी की मांग की है।
आपको बता दें कि मौजूदा समय में नेपाल में कम्युनिष्ट पार्टी की सरकार है और केपी शर्मा ओली प्रधानमंत्री हैं। संसद में सरकार के पास दो तिहाई बहुमत है। संसदीय चुनाव में वामपंथी गठबंधन ने जीत हासिल की थी और सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को फिर से नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे। इससे पहले ओपी शर्मा ओली 11 अक्टूबर 2015 से तीन अगस्त 2016 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं।
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