नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि उनके देश स्थित भारतीय दूतावास के फील्ड ऑफिस को वह जल्‍द ही बंद कर देगा।
काठमांडु : रविवार को नवगठित नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की संसदीय समिति की पहली बैठक में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि नेपाल जल्द ही भारतीय दूतावास के फील्ड ऑफिस को बंद कर देगा, क्योंकि उसका मकसद पूरा हो गया है। बता दें कि 2008 में कोसी नदी में आई बाढ़ के बाद 17 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट हाईवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद सीमावर्ती इलाकों में भारतीय सड़कों पर वाहनों के सुचारू परिचालन के लिए अस्थायी तौर पर एक फील्ड ऑफिस स्थापित किया गया था। वही इसके लिए पास जारी करता था।
शुरुआत में इस कार्यालय की स्थापना पूर्व सुनसरी जिले में की गई थी। इसके बाद इसे यहां से 375 किलोमीटर दूर कोशी हाईवे से लगते बिराटनगर में शिफ्ट कर दिया गया था।
नेपाल ने कहा, ऐसे कार्यालय की जरूरत नहीं
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के नेता जनार्दन शर्मा के हवाले से कहा कि प्रधानमंत्री के बयान के अनुसार, छोटे देश में ऐसे फील्ड ऑफिसों की कोई जरूरत नहीं है। बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल दौरे पर गए थे। इसलिए यह उम्मीद जगी थी कि नेपाल का रवैया भारत के प्रति अब पहले से बेहतर होगा, लेकिन उसके इस कदम से रिश्तों में सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
नेपाल पहले भी बंद करने की कर चुका है मांग
जब हाईवे के मरम्मत का काम पूरा हो गया, उसके बाद करीब छह साल पहले नेपाल सरकार ने भारत सरकार से अपना कैम्प कार्यालय बंद करने को कहा था, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं हुआ था। उस वक्त माओवादी नेता नारायण काजी श्रेष्ठ विदेश मंत्री थे। 2011 में बाबूराम भट्टाराई के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे हटाने के लिए नई दिल्ली को दो-दो राजनयिक नोट्स जारी किए थे।
यहीं से भारत स्कॉलरशिप वितरण करता है
इसके उलट भारत सरकार ने 2014 में नेपाल से बिराटनगर स्थित अपने फील्ड ऑफिस को अपग्रेड कर कॉन्सुलेट जनरल ऑफिस स्थापित करने की अनुमति मांगी थी। इस ऑफिस के बिल्डिंग में भारतीय झंडा लगा हुआ है। यहां से भारत स्कॉलरशिप का वितरण करता है। साथ ही कई सामाजिक गतिविधियों में भी लगा हुआ है।